होलिका दहन 02 मार्च और होली 4 मार्च को शास्त्र सम्मत - - आचार्य नंदकुमार शर्मा
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03 मार्च को खंडग्रास चन्द्र ग्रहण भारत मे दृश्य व मान्य रहेगा
तिल्दा नेवरा > इस वर्ष होली को लेकर लोगों मे थोड़ी भ्रम की स्तिथि बनी हुई है कि होलिका दहन और होली कब मनाए. इस बात को स्पष्ट करते हुए छत्तीसगढ़ के सुप्रसिध्द भागवताचार्य, ज्योतिर्विद पंडित नंदकुमार शर्मा जी, निनवा वाले ने कहा कि होलिका दहन फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि मे प्रदोष व्यापिनी भद्रा रहित किया जाता है. आचार्य जी ने बताया कि हमारे छत्तीसगढ़ मे ग्रहो और नक्षत्रों की समयानुसार 02 मार्च को पूर्णिमा तिथि शाम 5 बजकर 56 मिनट से प्रारम्भ हो रही है और 03 मार्च को शाम 5 बजकर 7 मिनट पर समाप्त हो रही है. पूर्णिमा तिथि 2 और 3 मार्च दोनों दिनों मे आ रही है ऐसे स्तिथि मे इस बार होलिका दहन 02 मार्च सोमवार को किया जाएगा और होली रंगोत्सव 04 मार्च दिन बुधवार को मनाया जाएगा. 03 मार्च को खंडग्रास चन्द्र ग्रहण भी है जो कि भारत मे दृश्य और मान्य रहेगा. जिसमें शाम 6 बज कर 7 मिनट से लेकर 6 बज कर 47 मिनट तक ग्रहण काल रहेगा और ग्रहण का सूतक ग्रहण काल के 9 घंटे पूर्व सुबह 9 बज कर 7 मिनट पर लग जाएगा. ऐसी परिस्थितियों मे शास्त्रों के अनुसार 02 मार्च को होलिका दहन शास्त्र सम्मत ग्राह्य है . शास्त्रनुसार होलिका दहन और रक्षा बंधन का पर्व भद्रा मे नहीं करना चाहिए. उन्होंने बताया कि तारीख 02 मार्च को भद्रा भी रहेगी जिसका समय शाम 5 बज कर 55 मिनट से रात्री 5 बज कर 32 मिनट तक रहेगा. ऐसी स्तिथि मे धर्म सिंधु, निर्णय सिंधु के अनुसार भद्रा काल के पुच्छ मे होलिका दहन करने को कहा गया है जिसका शुभ मुहूर्त रात्री 1 बजकर 26 मिनट से लेकर रात्री 2 बजकर 38 मिनट तक रहेगा आचार्य जी ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय पंचांग देव पंचांग के अनुसार होलिका दहन 02 मार्च को, चंद्र ग्रहण 03 मार्च को और होली रंगोत्सव 04 मार्च को शास्त्र सम्मत है ।
CNI NEWS तिल्दा नेवरा से अजय नेताम की रिपोर्ट >


















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