धारा 49(6) में संशोधन कर पेंशन भुगतान की बाध्यता समाप्त की जाए — भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ ।
सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी। रायपुर-प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, छत्तीसगढ़ प्रदेश के नेतृत्व में महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात कर पेंशनरों से जुड़े एक गंभीर विषय को में उठाने का आग्रह किया। प्रतिनिधि मंडल में प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव के साथ प्रदेश महामंत्री अनिल गोल्हानी तथा संभागीय अध्यक्ष प्रवीण कुमार त्रिवेदी शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि की धारा 49(6) के अंतर्गत मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ राज्यों के बीच पेंशन एवं परिवार पेंशन का वित्तीय दायित्व 74:26 के अनुपात में विभाजित है। इस प्रावधान के कारण महंगाई राहत (डीआर) एवं अन्य पेंशन संबंधी देयकों के भुगतान के लिए दोनों राज्यों के बीच अनिवार्य सहमति की बाध्यता रहती है।
महासंघ ने बताया कि इस व्यवस्था के कारण दोनों राज्यों के लगभग 6 लाख से अधिक पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों को महंगाई राहत एवं अन्य देयकों का भुगतान समय पर नहीं मिल पाता, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले लगभग 25 वर्षों से यह समस्या लगातार बनी हुई है और बार-बार निवेदन किए जाने के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है। छत्तसगढ़ राज्य में लगभग डेढ़ लाख पेंशनर और पेंशनर प्रभावित है
महासंघ ने सांसद से आग्रह किया कि इस महत्वपूर्ण विषय को संसद में तारांकित प्रश्न, अतारांकित प्रश्न तथा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाया जाए, ताकि केंद्र सरकार इस विषय पर स्पष्ट निर्णय लेते हुए आवश्यक संशोधन की दिशा में कदम उठाए।
संगठन की मांग है कि अधिनियम की धारा 49(6) में संशोधन अथवा विलोपन कर दोनों राज्यों को स्वतंत्र रूप से पेंशन एवं महंगाई राहत के भुगतान का अधिकार प्रदान किया जाए, जिससे पेंशनरों को समय पर उनका वैधानिक लाभ मिल सके।
सांसद ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पेंशनरों से जुड़े इस जनहितैषी विषय को गंभीरता से लेते हुए लोकसभा में उठाया जाएगा और केंद्र सरकार का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित किया जाएगा।
(वीरेन्द्र नामदेव)
प्रांताध्यक्ष
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश ।


















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