एसएसपी अग्रवाल ने अपराध समीक्षा बैठक में दिये कई अतिआवश्यक निर्देश
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
दुर्ग - पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल द्वारा अपराध एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा हेतु क्राइम मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में अपराध नियंत्रण , विवेचना की गुणवत्ता , प्रशासनिक अनुशासन एवं लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा निम्न निर्देश दिये गये — वर्ष 2024 से पूर्व के लंबित अपराध , वर्ष 2024 से पूर्व के लंबित चालान , लंबित मर्ग एवं शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाये। लावारिस/जप्त संपत्तियों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाये। लंबित प्रतिबंधात्मक कार्यवाही एवं बाउंड ओवर प्रकरणों का शीघ्र निष्पादन किया जाये तथा विवादास्पद मामलों में अनिवार्य रूप से बाउंड ओवर कराया जाये। समंस एवं वारंट की शत-प्रतिशत तामिली सुनिश्चित की जाये तथा संबंधित आरक्षकों को कंप्यूटर फ्रेंडली बनाया जाये। बीट एवं सब-बीट का प्रभावी विभाजन कर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाये। थाना क्षेत्र के संवेदनशील एवं सांप्रदायिक मामलों में विशेष सतर्कता रखते हुये कार्यवाही की जाये। आगामी ईद एवं नवरात्रि पर्व को दृष्टिगत रखते हुये शांति समिति का पुनर्गठन कर विशेष ड्यूटी एवं निगरानी की जाये। पुलिस कार्यालय से प्राप्त पत्रों का समय पर निराकरण एवं थानों से प्रेषित पत्रों का समय पर जवाब उपलब्ध कराया जाये। नेफिस , ई-चालान , ई-सम्मन एवं ई-ऑफिस प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये। नये कानूनों के अंतर्गत प्रकरणों में हुई सजा का नियमित प्रतिवेदन तैयार किया जाये। जिन प्रकरणों में बाहरी टीम भेजना आवश्यक है , उनमें समय पर टीम रवाना कर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। थाना एवं चौकी भवन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की सतत निगरानी एवं पर्यवेक्षण किया जाये। थाना स्तर पर कार्यों की गोपनीयता बनाये रखते हुये संवेदनशील प्रकरणों में विशेष सावधानी बरती जाये। सभी थाना प्रभारी प्रतिदिन निर्धारित समय पर थाना में उपस्थित रहकर आम जनता की शिकायतें सुनें एवं उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें। जन-शिकायतों एवं लंबित आवेदनों का स्थानीय स्तर पर समयबद्ध निराकरण किया जाये। गंभीर अपराधों में तत्काल एफआईआर दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की जाये तथा सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर दी जाये।साइबर फ्रॉड एवं वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में नेट ग्रिड एवं तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर शीघ्र निराकरण किया जाये। समस्त आरक्षकों द्वारा एवी नोटबुक का संधारण एवं साप्ताहिक निरीक्षण सुनिश्चित किया जाये। थाना प्रभारी द्वारा थाना मुख्यालय में रात्रि मुकाम अनिवार्य रूप से किया जाये। अवैध नशे के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर एनडीपीएस एवं आबकारी प्रकरणों में सतत कार्यवाही की जाये तथा जप्त सामग्री एवं शराब का विधिवत नष्टीकरण किया जाये। जुआ-सट्टा के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी हेतु विशेष टीम गठित कर प्रभावी कार्यवाही की जाये। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर सुखनंदन राठौर , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चन्द्रा , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईसीयूडब्लू ममता देवांगन , नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग हर्षित मेहर , नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई सत्यप्रकाश तिवारी , नगर पुलिस अधीक्षक छावनी प्रशांत पैकरा , पुलिस अनुविभागीय अधिकारी धमधा डॉ.चित्रा वर्मा , पुलिस अनुविभागीय अधिकारी पाटन अनुप लकड़ा , डीएसपी हेडक्वार्टर श्रीमती तनुप्रिया ठाकुर , डीएसपी लाईन सीपी तिवारी , डीएसपी भारती , डीएसपी तिग्गा सहित सभी थाना प्रभारी एवं अन्य राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे।


















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