कृषि विज्ञान केन्द्र में सात दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न
कवर्धा, 24 मार्च 2026। कृषि विज्ञान केन्द्र में 18 मार्च से 24 मार्च 2026 तक मधुमक्खी पालन विषय पर सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कबीरधाम जिले के विभिन्न ग्रामों से 28 कृषकों का चयन किया गया, जिनमें ग्राम पोलमी, बोड़ला, कुकदूर, भंगीटोला एवं लखनपुर के कृषकों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान राज्य के विभिन्न केन्द्रों से आए वैज्ञानिकों द्वारा मधुमक्खी पालन से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें मधुमक्खियों के प्रकार, फूल प्रबंधन एवं रख-रखाव, मधुमक्खी पालन के उपकरण, उपयुक्त स्थान का चयन, शहद निष्कर्षण विधि, शहद की पैकेजिंग एवं विपणन की जानकारी दी गई। साथ ही प्रशिक्षणार्थियों को शहद प्रसंस्करण केन्द्र बोड़ला का भ्रमण भी कराया गया।
प्रशिक्षण में बताया गया कि मधुमक्खियां परागण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जिससे फल, सब्जी एवं दलहनी फसलों की पैदावार में वृद्धि होती है तथा खाद्य सुरक्षा को बल मिलता है। मधुमक्खी पालन कम लागत वाला एवं लाभकारी व्यवसाय है, जो किसानों, महिलाओं एवं भूमिहीन परिवारों के लिए आय एवं स्वरोजगार का अच्छा माध्यम बन सकता है। मधुमक्खियों से प्राप्त शहद पौष्टिक एवं औषधीय गुणों से भरपूर होता है तथा मोम का उपयोग सौंदर्य प्रसाधन, पॉलिश एवं औषधि उद्योग में किया जाता है।
प्रशिक्षण के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. ऋचा मिश्रा, प्राचार्य, पीजी काॅलेज कवर्धा, डॉ. असीत कुमार मिश्रा, सहायक प्राध्यापक, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कन्या महाविद्यालय कवर्धा तथा कृषि विज्ञान केन्द्र कवर्धा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बी.पी. त्रिपाठी द्वारा 28 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र के इंजी. टी.एस. सोनवानी, डॉ. बी.एस. परिहार, डॉ. एन.सी. बंजारा एवं प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. सी.पी. राहंगडाले सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
CNI NEWS कवर्धा छत्तीसगढ़ से अनवर खान की रिपोर्ट



















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