मनरेगा में बड़ा घोटाला! जेसीबी से कराई गई नाली खुदाई, ग्रामीणों का रोजगार छीना
बिलाईगढ़।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कैथा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्राम के बेलभाठा क्षेत्र में लगभग 1000 मीटर लंबी नाली निर्माण कार्य को नियमों को दरकिनार करते हुए जेसीबी मशीन से कराए जाने का आरोप लगा है।
जानकारी के अनुसार, मनरेगा योजना के तहत इस प्रकार के कार्यों में मशीनों के उपयोग पर प्रतिबंध है तथा स्थानीय ग्रामीणों को मजदूरी देकर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य होता है। इसके बावजूद ग्राम पंचायत द्वारा मशीनों का उपयोग किए जाने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच द्वारा बिना किसी वैधानिक अनुमति के जेसीबी मशीन से खुदाई कराई गई, जिससे गांव के मजदूरों को मिलने वाला रोजगार छिन गया। मनरेगा का उद्देश्य ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है, लेकिन इस तरह की कार्यप्रणाली योजना की मूल भावना के विपरीत है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर सरपंच को मशीन से कार्य कराने की अनुमति किसने दी? साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि मशीन से कराए गए कार्यों का भुगतान किस मद से किया जाएगा।
इस पूरे मामले ने पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
इस संबंध में ग्राम पंचायत कैथा के सरपंच दुष्यंत खुंटे से उनके मोबाइल नंबर 99071 19445 पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। वहीं उपसरपंच दशरथ साहू ने स्वीकार किया कि बेलभाठा में नाली निर्माण हेतु जेसीबी से खुदाई की गई है, परंतु यह कार्य किस योजना एवं मद से किया गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है और विस्तृत जानकारी सरपंच ही दे सकते हैं।
यदि समय रहते इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक नहीं लगाई गई, तो मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना केवल कागजों तक सीमित रह जाएगी और जरूरतमंद ग्रामीण इसके लाभ से वंचित रह जाएंगे।


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.