Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Monday, April 6, 2026

चार दशक का लाल आतंक समाप्त: छत्तीसगढ़ सशस्त्र नक्सल मुक्त होने पर , कवर्धा में गृह मंत्री विजय शर्मा का ऐतिहासिक अभिनंदन हजारों लोगों की मौजूदगी में बाजा-गाजा, लड्डुओं से तौलकर सम्मान — बोले विजय शर्मा: “यह जीत जनभागीदारी, सुरक्षा बलों के साहस और बस्तरवासियों के विश्वास की है”

 चार दशक का लाल आतंक समाप्त: छत्तीसगढ़ सशस्त्र नक्सल मुक्त होने पर , कवर्धा में गृह मंत्री विजय शर्मा का ऐतिहासिक अभिनंदन



हजारों लोगों की मौजूदगी में बाजा-गाजा, लड्डुओं से तौलकर सम्मान — बोले विजय शर्मा: “यह जीत जनभागीदारी, सुरक्षा बलों के साहस और बस्तरवासियों के विश्वास की है”

कवर्धा,,,

छत्तीसगढ़ सहित देश के लिए ऐतिहासिक क्षण तब आया जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च को सदन में शस्त्र नक्सलवाद की समाप्ति की घोषणा की। लगभग चार दशकों से इस समस्या से जूझ रहे छत्तीसगढ़ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा के दृढ़ संकल्प, रणनीति और सतत प्रयासों से यह बड़ी सफलता हासिल की।


इस अभियान में भारतीय सेना, पुलिस और समस्त सशस्त्र बलों के जवानों के अदम्य साहस, समाज की जागरूक भागीदारी, राजनीतिक नेतृत्व की इच्छाशक्ति, पत्रकार बंधुओं की भूमिका और सबसे बढ़कर बस्तर के नागरिकों के सहयोग का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी के समुचित प्रयासों से ही सशस्त्र नक्सलवाद का अंत संभव हो सका और अब बस्तर में खुशहाली की नई शुरुआत हो रही है।


नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ बनने के बाद गृह मंत्री विजय शर्मा के कवर्धा प्रथम आगमन पर स्थानीय महामाया चौक में ऐतिहासिक नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। हजारों की संख्या में लोग बाजा-गाजा, ढोल-नगाड़ों और उत्सवी माहौल के साथ उपस्थित रहे। पूरे शहर में जश्न का वातावरण नजर आया।


कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज, यादव समाज, ठाकुर समाज, कुर्मी समाज, साहू समाज, सतनामी समाज, निर्मलकर समाज, गुप्ता समाज, अहिरवार समाज, लोधी समाज, पटेल समाज, गोंड समाज, केसरवानी गुप्ता समाज, सेन समाज, गंधर्व समाज, स्वर्णकार समाज, जैन समाज, वैष्णव समाज सहित सभी समाजों की भागीदारी रही।


साथ ही जिला प्रेस क्लब, यूथ क्लब, हरीतिमा परिवार, प्राइवेट स्कूल संघ, नाथ योगी समाज, फाइटर क्लब, जिला क्रिकेट संघ, ज्वाइन हैंड ग्रुप, ट्रक मालिक संघ, पतंजलि योग समिति, सीनियर सिटीजन समिति एवं भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही।


इस अवसर पर गृह मंत्री विजय शर्मा को लड्डुओं से तौलकर भव्य सम्मान दिया गया, जो जनभावनाओं का प्रतीक बना।


गृह मंत्री विजय शर्मा का संबोधन


विजय शर्मा ने कहा—

“मैं आप सभी के प्रेम से अभिभूत हूँ। मुझे नहीं पता था कि आप सब नक्सल समस्या को इतनी गंभीरता से समझते हैं। यह वास्तव में अत्यंत संवेदनशील विषय रहा है, और जो लोग इससे पीड़ित रहे हैं, उनकी पीड़ा को शब्दों में समझा भी नहीं जा सकता।”


उन्होंने नक्सलवाद की विचारधारा पर प्रहार करते हुए कहा—

“माओवाद एक आयातित विचार है, जिसका उद्देश्य केवल बंदूक की नली से सत्ता स्थापित करना रहा है, जबकि भारत का लोकतंत्र प्राचीन काल से—लक्ष्मी गणराज्य और वैशाली गणराज्य के समय से—सशक्त रहा है, जिसकी झलक आज भी बस्तर के समाज में दिखाई देती है।”


उन्होंने नक्सल हिंसा की भयावहता का उल्लेख करते हुए कहा—

“भोले-भाले लोगों को बहलाकर उनके हाथों में बंदूक थमा दी गई। स्कूल, सड़क और तालाबों के किनारे बारूद बिछाए गए। शिक्षा दूत, सुरक्षा कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, शासकीय कर्मचारी और निर्दोष ग्रामीणों तक की निर्मम हत्या की गई। सैकड़ों लोग इन विस्फोटों में अपंग हो गए उनके मानवाधिकारों की रक्षा कौन करेगा?”


उन्होंने बताया—

“जब बस्तर के पीड़ितों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, तब उन्होंने संकल्प लिया कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त किया जाएगा। और जब गृह मंत्री संकल्प लेते हैं, तो वह तय समय में पूरा होता है।”


विजय शर्मा ने पूरे अभियान का श्रेय साझा करते हुए कहा—

“यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं है। इसमें सेना, पुलिस और सभी सुरक्षा बलों के जवानों का साहस, समाज का सहयोग, राजनीतिक नेतृत्व की इच्छाशक्ति, पत्रकार बंधुओं का योगदान और सबसे बड़ा श्रेय बस्तर के नागरिकों को जाता है। सभी के सामूहिक प्रयास से ही यह संभव हो पाया है।”


उन्होंने पुनर्वास नीति पर प्रकाश डालते हुए कहा—

“सरकार ने शस्त्र छोड़ने वालों के लिए लाल कारपेट बिछाकर स्वागत किया और उनके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की। हमने संवाद के लिए वीडियो कॉल तक का माध्यम अपनाया। विपक्ष ने इसका मजाक उड़ाया, लेकिन कवर्धा की जनता के विश्वास से सैकड़ों लोगों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की।”


उन्होंने बदलते बस्तर की तस्वीर बताते हुए कहा

“आज बस्तर के गांवों में लोग अपने आंगन में खुलकर हंस रहे हैं। अब वहां डर नहीं, विकास की बातें हो रही हैं। गांवों के मेले और बाजारों में रौनक लौट आई है—यह बदलाव ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।”


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा

“देश में दशकों से लंबित कई बड़े निर्णय—जैसे राम मंदिर निर्माण और अनुच्छेद 370—निर्धारित समय में पूरे हुए। उसी श्रृंखला में नक्सल समस्या का समाधान भी संभव हुआ है।”


अंत में उन्होंने इस भव्य सम्मान के लिए कवर्धा की जनता का हृदय से आभार व्यक्त किया।


कवर्धा की जनता ने अपने लाड़ले विधायक एवं प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा के प्रति गर्व व्यक्त करते हुए इस ऐतिहासिक उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल, सुरक्षित और विकसित भविष्य की दिशा में निर्णायक कदम बताया।

CNI NEWS कवर्धा छत्तीसगढ़ से अनवर खान की रिपोर्ट

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad