ग्राम पंचायत उदयभांठा में 12 दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल समापन
जांजगीर चांपा। ग्राम पंचायत उदयभांठा में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता एवं स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित 12 दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण आजीविका संवर्धन, महिला सशक्तिकरण एवं स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर के रूप में सुखनंदन दास द्वारा प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), उद्यमिता की मूलभूत समझ, व्यवसाय प्रारंभ करने की प्रक्रिया, स्थानीय व्यवसायिक अवसरों की पहचान, व्यवसाय योजना निर्माण, सरकारी योजनाओं एवं ऋण सहायता, विपणन, जोखिम प्रबंधन एवं व्यवसाय संचालन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, वन-उपज आधारित व्यवसाय एवं स्थानीय संसाधनों से जुड़े स्वरोजगार के अवसरों पर भी विशेष चर्चा की गई।
इस 12 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में ग्राम पंचायत उदयभांठा की चयनित 35 महिलाओं ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं ने अत्यंत उत्साह के साथ सभी सत्रों में भाग लेते हुए उद्यमिता, स्वरोजगार और आजीविका से जुड़े विभिन्न विषयों को समझा तथा अपने अनुभव साझा किए। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं में आत्मनिर्भर बनने, स्वयं का व्यवसाय शुरू करने तथा समूह आधारित आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत के सरपंच, उपसरपंच सहित पंचगणों की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे ग्राम की महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में अत्यंत उपयोगी पहल बताया। बिहान समूह की सक्रिय महिला कार्यकर्ताओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए प्रशिक्षण की प्रशंसा की और कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें आजीविका के नए अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मास्टर ट्रेनर सुखनंदन दास ने अपने संबोधन में कहा कि यदि ग्रामीण महिलाओं को सही प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराए जाएँ, तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती हैं बल्कि गांव के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों, कौशल और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से गांव स्तर पर ही रोजगार और स्वरोजगार के अनेक अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक एवं व्यवहारिक बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की। अंत में आयोजन समिति द्वारा सभी प्रतिभागियों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, बिहान समूह की महिलाओं एवं सहयोगी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया गया।




















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