तिल्दा नेवरा
प्रस्तावित स्पंज एवं पावर उद्योग का पर्यावरण जनसुनवाई में भारी विरोध
तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के ग्राम देवरी में प्रस्तावित अग्रसेन स्पंज एवं पावर उद्योग को लेकर आयोजित पर्यावरण जनसुनवाई में उस समय हंगामे की स्थिति निर्मित हो गई, जब बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने परियोजना का जोरदार विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने उद्योग स्थापना के लिए ग्राम पंचायत द्वारा जारी एनओसी को फर्जी बताते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। वहीं उद्योग से मध्यस्थता करने वाले ब्यक्ति का दावा है कि हजारों ग्रामीण उद्योग के समर्थन में सहमति पत्र सौंप चुके हैं।
ग्राम देवरी में आयोजित पर्यावरण जनसुनवाई में आसपास के गांवों से पहुंचे ग्रामीणों ने प्रस्तावित स्पंज एवं पावर उद्योग के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि पर उद्योग स्थापित करने की तैयारी की जा रही है, वह भूमि गौठान और पशुओं की चारागाह के लिए सुरक्षित है। ऐसे में उद्योग लगने से गांवों में पशुपालन प्रभावित होगा और पर्यावरण प्रदूषण का गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उद्योग स्थापना के लिए ग्राम पंचायत की ओर से जारी एनओसी वास्तविक जनभावना के विपरीत और फर्जी तरीके से तैयार की गई है। जनसुनवाई के दौरान कई ग्रामीणों ने मंच पर पहुंचकर प्रशासन के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया और परियोजना को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
वहीं दूसरी ओर उद्योग से मध्यस्थता कराने वाला ब्यक्ति ने दावा किया कि क्षेत्र के हजारों लोग उद्योग स्थापना के पक्ष में हैं और रोजगार तथा विकास को देखते हुए सहमति पत्र सौंप चुके हैं। प्रबंधन ने कहा है कि, परियोजना में पर्यावरण सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जाएगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
फिलहाल जनसुनवाई में सामने आए भारी विरोध के बाद अब प्रशासन की रिपोर्ट और पर्यावरण विभाग के निर्णय पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। देखना होगा कि ग्रामीणों की आपत्तियों और उद्योग प्रबंधन के दावों के बीच प्रशासन क्या फैसला लेता है।
CNI NEWS तिल्दा-नेवरा से अजय नेताम की रिपोर्ट।


















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