भारत साहू जिला बालोद छत्तीसगढ़
प्रतिबंधित लाल ईट के अवैध निर्माता संचालकों के ऊपर बड़ी कार्रवाई की मांग
लाल ईट भट्ठा के धुएं से क्षेत्र के पर्यावरण हो रहे हैं प्रदूषित
गुंडरदेही तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम गुरेदा में नदी किनारे,मेन रोड से लगा हुआ पुल के समीप एक अवैध लाल ईट भट्ठा संचालित किया जा रहा है जो की सरकार के द्वारा पूर्ण रूप से प्रबंधित है ईट भट्ठा से उड़ने वाले काले धुऐं राहगीरों के आंखों में घुस जाते हैं इसके साथ ही बड़े बुजुर्गों को सांस लेने में भी काफी परेशानी होती है घनी आबादी से लगे हुए ईट भट्ठा से ग्रामीण भारी परेशान हैं ईट भट्ठा संचालक के द्वारा ग्रामीणों को डराया धमकाया जाता है कोई शिकायत करेगा उसे देख लूंगा ग्रामीण डरे सहमें है
जीवन दाहिनी तांदुला नदी का अस्तित्व खतरे में है
संचालक के द्वारा अवैध रेत उत्खनन आम बात है प्रतिबंधित वृक्ष कौहा लकड़ी एवं मुर्गी के लिदी से ईट पकाया जा रहा है जो कि आम जनता के जीवन के साथ खिलवाड़ है लोगों के स्वास्थ्य में गहरा प्रभाव पड़ रहा है ग्रामीणों ने बताया ईट भट्ठा संचालक ग्राम गुरेदा निवासी भुवनेश्वर देवांगन है ग्रामीणों ने तत्काल ईट भट्ठा को हटाने की मांग की है पूरे घटनाक्रम में माइनिंग विभाग और ईट भट्ठा संचालक का मिली भगत सांठ गांठ महसूस होता है नाम नहीं छापने के शर्त पर एक ईट भट्ठा संचालक ने बताया कि माइनिंग विभाग के द्वारा साल में एक पर्ची थमाय जाता है पर्ची को लेकर के हम माइनिंग ऑफिस जाते हैं और वहां साल भर के लिए रुपए जमा करते हैं तब हम खुलेआम ईट बना पाते हैं यही हाल रहा तो पर्यावरण को प्रदूषित होने से कोई नहीं बचा पाएगा गुंडरदेही क्षेत्र से अब ईट भट्ठा संचालक के ऊपर कार्यवाही की मांग उठ रही है जिससे पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सके संदेह के घेरे में माइनिंग इंस्पेक्टर शशांक सोनी विगत कई वर्षों से शशांक सोनी बालोद जिला में पदस्थ है जो कि अवैध लाल ईट भट्ठा संचालकों से लेनदेन कर संरक्षण दे रहा है ग्रामीण और स्थानीय सूत्रों का सीधा आरोप है कि इस पूरे अवैध कारोबार को शशांक सोनी और जिला खनिज अधिकारी प्रवीण चंद्राकर का संरक्षण प्राप्त है खनिज अधिकारी प्रवीण चंद्राकर का पुराना रिकॉर्ड बेहद विवाद स्पद रहा है ,राजनांदगांव में पदस्थापन के दौरान हुए एक कुख्यात गोली कांड के मामले में उन्हें निलंबित भी किया गया था ग्रामीणों का आरोप है कि माइनिंग अधिकारी के संरक्षण में ही अवैध लाल ईटा भट्ठा धड़ल्ले से चल रहा है जिससे शासन को राजस्व की भारी नुकसान हो रही है माइनिंग विभाग की चुप्पी पर उठ रहे सवाल खुलेआम चल रही लाल ईट भट्ठा ,को लेकर अब जिला प्रशासन और माइनिंग विभाग की कार्य प्राणी पर भी उंगलियां उठने लगी है ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंखें बंद करके बैठें हैं ग्रामीणों की मांग है की बालोद कलेक्टर और माइनिंग विभाग इस गंभीर मामले का संज्ञान कब लेते हैं ग्रामीणों ने मांग की है क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस अवैध लाल ईटा भट्ठा संचालकों पर तुरंत रोक लगाई जाए और दागी माइनिंग अधिकारी शशांक सोनी प्रवीण चंद्राकर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने जैसी दंडात्मक कार्रवाई किया जाए


















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