करही गोलीकाण्ड के तीन आरोपी जेल दाखिल
एसपी पाण्डेय के चार्ज लेते ही आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
जांजगीर चाम्पा - जिले के ग्राम करही में हुये चर्चित गोलीकण्ड के मामले में विशेष अभियान “ऑपरेशन हंट” चलाकर उधारी के पैसों को लेकर लगातार हो रहे विवाद , मृतक के बढ़ते प्रभाव , आर्थिक प्रगति एवं व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा से उत्पन्न जलन और द्वेष की भावना के चलते हत्या की घटना को अंजाम देने के तीन आरोपियों को थाना बिर्रा पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। वहीं पुलिस मामले में मुख्य साजिशकर्ता एवं अन्य सहयोगियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इस जघन्य हत्याकाण्ड का खुलासा करते हुये पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग ने बताया कि गत माह 23-24 अप्रैल की दरम्यानी रात ग्राम करही में तीन नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर आयुष कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी थी , जबकि उसके छोटे भाई को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाल , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप , डॉग स्क्वॉड एवं फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारिकी से निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुये पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग स्वयं घटनास्थल पहुंचे तथा अधिकारियों की बैठक लेकर त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिये। ग्राम करही में विशेष पुलिस कैम्प स्थापित कर रेंज के कई अधिकारियों को शामिल करते हुये रेंज स्तरीय टीम का गठन किया गया। मामले की तह तक पहुंचने के लिये पुलिस टीमों ने गुजरात , तमिलनाडु , मध्यप्रदेश , उत्तरप्रदेश , ओडिशा , दिल्ली एवं जम्मू-कश्मीर सहित सात राज्यों में दबिश दी। जांच के दौरान दो सौ से अधिक सीसीटीवी फूटेज खंगाले गये , तकनीकी साक्ष्य जुटाये गये , संदिग्धों से लगातार पूछताछ की गई।
"ऑपरेशन हंट" बना टर्निंग पॉइंट -
प्रशिक्षण से लौटने के बाद पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय सीधे ग्राम करही पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर मामले की समीक्षा की। इसके बाद "ऑपरेशन हंट” की शुरुआत की गई और टीमों को विशेष दिशा-निर्देश दिये गये। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी भूषण बघेल के पास पूर्व में अवैध हथियार देखा गया था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि मृतक आयुष कश्यप और आरोपियों के बीच पुराने आर्थिक एवं व्यवसायिक विवाद थे पूछताछ में आरोपी भूषण बघेल ने खुलासा किया कि
उसके भाई द्वारा लिये गये उधार के पैसों को लेकर मृतक के परिवार से लगातार विवाद चल रहा था। आरोपियों को मृतक आयुष कश्यप की बढ़ती आर्थिक स्थिति और प्रभाव से जलन थी और व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा के कारण आरोपी स्वयं को नुकसान में महसूस कर रहे थे एवं इसी द्वेष और प्रतिशोध की भावना से हत्या की साजिश रची गई।
वारदात को ऐसे दिया अंजाम
घटना की रात तीनों आरोपी मृतक के घर के आसपास पहले से मौजूद थे , अन्य सहयोगियों द्वारा सीसीटीवी कैमरा तोड़ने के बाद आरोपी घर में घुसे। आरोपियों ने पहले मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद किया और फिर आयुष कश्यप के कमरे में घुसकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। बीच-बचाव करने आये उसके छोटे भाई को भी गोली मारी गई और वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गये। पूछताछ में गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इस जघन्य हत्याकांड के खुलासे में पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय , प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पॉल के सतत निर्देशन में , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप और उदयन बेहार के नेतृत्व में जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी , साइबर थाना जांजगीर , थाना बिर्रा , बम्हनीडीह , मुलमुला रेंज साइबर सेल एवं जिला पुलिस बल के अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका सराहनीय रही। उक्त घटना के खुलासे पर पुलिस महानिरीक्षक महोदय द्वारा पूरी टीम को शाबाशी देते हुये उचित ईनाम देने की घोषणा की गई है।
बरामद सामाग्री -
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल एवं मैगजीन , एक अतिरिक्त खाली मैगजीन और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद किया है।
गिरफ्तार आरोपीगण
हेमंत कुमार बघेल उम्र 23 वर्ष निवासी – वार्ड नं. 11 करही , भूषण बघेल उम्र 23 वर्ष निवासी – वार्ड नं. 01 करही और अमित टंडन उम्र 28 वर्ष निवासी – वार्ड नं. 09 करही , थाना - बिर्रा , जिला सक्ती (छत्तीसगढ़)।


















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