घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग हमारे देश में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक और अंतिम 12वां ज्योतिर्लिंग है।
सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी । औरंगाबाद- घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग हमारे देश के स्थित 12 बेहद पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक है और हिन्दू धर्म की मान्यतानुसार इस ज्योतिर्लिंग को सभी ज्योतिर्लिंगों में से अंतिम यानी कि 12वें ज्योतिर्लिंग के रूप में जाना जाता है।
यह ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र राज्य के संभाजीनगर (औरंगाबाद) जिले में वेरुल गाँव में स्थित है। विश्व प्रसिद्द एलोरा की गुफाएं इस ज्योतिर्लिंग के करीब स्थित हैं, जिस वजह से ज्योतिर्लिंग के दर्शनों के बाद श्रृद्धालु इस विश्व प्रसिद्द और ऐतिहासिक पर्यटन स्थल की यात्रा अनुभूति लेते हैं।
शहरों की भीड़-भाड़ और शोर शराबे से कोसों दूर यह ज्योतिर्लिंग प्राकृतिक खूबसूरती और सौंदर्य का अद्भुत स्थान है। इस पवित्र ज्योतिर्लिंग को घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग के नाम से भी जाना जाता है और यहाँ हर दूर-दूर से आने वाले महादेव के लाखों भक्त आत्मिक शांति और अपने कष्ट दूर करने के लिए ज्योतिर्लिंग के दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। पुरुषोत्तम मास के महीने में यहाँ प्रतिदिन हजारों की संख्या श्रृद्धालु का सैलाब दिखाई दिया। मान्यता है कि यहां भगवान शिव के दर्शन और पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है, नागपुर के नारायण उपाध्याय अपने पूरे परिवार के साथ भगवान शिव के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।




















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