उच्चतम न्यायालय में समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत 2026) अन्तर्गत मामले प्रस्तुत करने की समय सीमा 31 जुलाई तक बढ़ी
कवर्धा, 17 जून 2026। उच्चतम न्यायालय द्वारा न्याय को सरल तरीके से घर-घर तक पहुंचाने तथा आपसी सहभागिता और सहमति से न्याय की भावना को मूर्त रूप देने के लिए भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समाधान समारोह 2026 का आयोजन 21 अप्रैल 2026 से प्रारंभ किया गया है। जिसकी परिणति 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को विशेष लोक अदालत के आयोजन के साथ होगी। जिसमें समाधान समारोह के अंतर्गत मामलों को रिफर करने के लिए गूगल फार्म (फाॅर लिटिगेशन/एओआरएस) जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी गई है।
उक्त विशेष लोक अदालत का आयोजन सर्वोच्च न्यायालय परिसर में 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को होगा। जिसमें सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामले शामिल किया जाएगा। विशेष लोक अदालत के पूर्व सुलह के लिए बैठकों का आयोजन राज्य/जिला/तहसील/उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति में स्थित मध्यस्थता केन्द्रों में किया जा रहा है। इस सुलह वार्ता का आयोजन 21 अप्रैल 2026 को समाधान समारोह के आरम्भ के साथ शुरू हो गया है। इस समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) के आयोजन का लक्ष्य सर्वोच्च न्यायालय में लंबित उपयुक्त मामलों का सुलह एवं आपसी सहमति से निष्पादन करना है।
उक्त समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) के सफल आयोजन के लिए अधिवक्तागण, वादकारियों तथा अन्य सभी संबंधित पक्षों से इस अभियान में सक्रिय रूप से भागीदारी के लिए आमंत्रित किया गया है। 21 अप्रैल 2026 से आरम्भ हो रहे समाधान समारोह में तहसील न्यायालय स्तर से लेकर उच्च न्यायालय स्तर तक आपसी सहमति से वार्ता से समाधान तलाशने का प्रयास किया जा रहा है। इन सुलह-बैठकों का आयोजन जिला/तहसील/उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति स्थित मध्यस्थता केन्द्र में किया जाएगा। जिसमें प्रशिक्षित मध्यस्थ तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पक्षकारों की मदद करेंगे। पक्षकार इन सुलह-प्रयास हेतु बैठकों/वार्ताओं में स्वयं अथवा आभासी (आॅनलाईन) रूप से शामिल हो सकते है।
इस समाधान समारोह का उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय में लंबित वैसे मामले जो आपसी सहमति तथा सुलह से निष्पादन योग्य है, उनको सुलह-सहमति से निष्पादित करना है। उक्त विशेष लोक अदालत में सर्वोच्च न्यायालय में लंबित पारिवारिक विवाद, दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, भू-अधिग्रहण, आपराधिक सुलहनीय, श्रम संबंधी विवाद तथा ऐसे आपसी सहमति से निष्पादन योग्य है उन्हें शामिल किया जावेगा। यदि किसी मामले को उक्त विशेष लोक अदालत में शामिल करना है तो इसके लिए गूगल फार्म उपलब्ध कराया गया है जिसे भरकर आवेदन किया जा सकता है। इसे भरना अत्यंत सरल है। उक्त मामले का निष्पादन दोनों पक्षों की सहमति से होगा। विशेष लोक अदालत के पूर्व सुलह हेतु प्रयास के वास्ते वादी/प्रतिवादी को आमंत्रण जारी किया जा रहा है। इन सुलह हेतु प्रयास करने वाली बैठको का आयोजन राज्य, जिला, तहसील एवं उच्च न्यायालय स्तर पर प्रशिक्षित मध्यस्थ तथा विधिक सेवा प्रधिकरणों के अधिकारी इस प्रयास में मदद करेंगे।
साथ ही अपने मामले (जो सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है) को समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) में शामिल करने के लिए गूगल फाॅर्म तैयार किया गया है। इस गूगल फाॅर्म को भरना अत्यंत सरल है। इसे भरकर अपने समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 में शामिल किया जा सकता है। यह गूगल फार्म सर्वोच्च न्यायालय के वेबसाइट https://www.sci.gov.in पर उपलब्ध है। गूगल फाॅर्म का लिंक https://forms-gle/woYFFEph7pgiTQ7u है, जिस पर जाकर गूगल फाॅर्म भरा जा सकता है। समाधान समारोह के अंतर्गत मामलों को रिफल करने के लिए गूगल फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी गई है। उक्त संबंध में हर प्रकार की सहायता/जानकारी के लिए समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) के लिए बनाये गए वन स्टाॅ (वार रूम) इंचार्ज का सम्पर्क नंबर 011-23115652 या 011-23116464, लैण्डलाईन न. 011-23116464 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
CNI NEWS कवर्धा छत्तीसगढ़ से अनवर खान की रिपोर्ट


















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