मोदी जी विश्व के सर्वमान्य नेता हैं-
सीए अखिलेश जैन
जबलपुर भोपाल मध्यप्रदेश। 26 मई 2026 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में गठित एनडीए सरकार का लगातार 12 वर्षों का कार्यकाल पूर्ण हुआ। मोदी जी पर जनता का विश्वास व आशीर्वाद लगातार कायम है।
सरकार का नेतृत्व मोदी जी कर रहे हैं, तो सरकार का चेहरा भी मोदी जी ही हैं, मतदाताओं का भरोसा व आशीर्वाद भी मोदी जी पर ही है, जनता ने भविष्य निर्माण का दायित्व भी मोदी को सौंपा है। एनडीए के किसी भी प्रत्याशी को मिलने वाला वोट वास्तव में मोदी जी को ही दिया जाता है।
भारत विविधताओं से भरा देश है और करोड़ों-करोड़ों लोगों के वोट मोदी जी को लगातार मिल रहे हैं, अगर फिर से चुनाव करवा लिए जाये तो निःसंदेह मतदाताओं की पहली पंसद सिर्फ और सिर्फ मोदी जी ही रहेंगे। मोदी जी की स्वीकार्यता नित नए कीर्तिमान बना रही है। मोदी जी ही देश के सर्वमान्य नेता हैं, मोदी जी के आस-पास भी कोई नेता नहीं है। अब प्रश्न उठना स्वाभाविक है- केवल मोदी जी की इतनी स्वीकार्यता क्यों ?
इस रोचक विषय पर चर्चा आगे बढ़ाने से पहले देश के संविधान निर्माताओं को हृदय की गहराईयों से नमन् करना आवश्यक है, संविधान के ही कारण गुजरात के छोटे से गांव की पृष्ठभूमि से आए श्री नरेन्द्र मोदी जी आज 12 वर्षों से भारत का नेतृत्व कर रहे हैं।
यूँ तो लोकतंत्र भारत की जड़ों में है, भारत लोकतंत्र की जननी है और लोकतंत्र में मतदाता ही अंतिम निर्णायक होता है, मतदाताओं का निर्णय, विश्वास व आशीर्वाद मोदी जी के साथ स्थाई क्यों ?
विविधताओं से भरे देश में मोदी ही एक मात्र विकल्प क्यों? प्रश्न जितना गहरा है, उत्तर उतना सीधा है।
देश ने कई नेताओं, कई सरकारों को प्रयोग करके देख लिया। मौका भी दिया, अवधि भी दी, पर अपने आचरण, नेतृत्व क्षमता व निर्णयों के कारण जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरने में असफल रहे। चुनावी वादे समय की कसौटी पर कसे नहीं जा सके, जनता ने ठगा हुआ महसूस किया, निराशा आई, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, परिवारवाद, तुष्टिकरण, घोटाले, आतंकवाद, असुरक्षित सीमाऐं, हर घटना के लिए विदेशी ताकतों को जिम्मेवार बताना, बढ़ती महंगाई, आतंकियों का महिमामण्डन, विरासत के संरक्षण में सरकार की असफलताऐं, आस्था पर लगातार हमले, विकास गायब, पलायन की मजबूरी, रोजगार का आभाव, करों का मकड़जाल, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, बिजली, ईंधन जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए जनता जैसे तरस चुकी थी। बाधाओं, परेशानियों व आभावों के साथ जीना मतदाता नियती मान चुका था।
मोदी जी 2014 में विकल्प के रूप में एनडीए के प्रत्याशी बने। मोदी जी के पास जनता को भरोसा देने के लिए संगठन की कार्यशैली, सिद्धांत, नीति, देश प्रेम व भारत माता सर्वप्रथम के पुराने अनुभव व पूर्व के राजनैतिक निर्णयों की श्रृंखला तो थी ही, साथ ही साथ 07 अक्टूबर 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री के कार्यकाल का हिसाब-किताब भी जनता के सामने था। निःसंदेह श्री नरेन्द्र मोदी जी को जनता की स्वीकार्यता मिली। पूर्ण बहुमत के साथ स्थाई सरकार का जनादेश मिला।
सरकार गठन के 45 दिनों के बाद प्रस्तुत पहला केन्द्रीय बजट 17.94 लाख करोड़ रूपये का था। देश आर्थिक मंदी से गुजर रहा था। पहले बजट में सरकार ने अपने इरादे व लक्ष्य निर्धारित कर दिये थे। विकास व निवेश को प्राथमिकता मिली। अर्थव्यवस्था को गति देना व राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करना लक्ष्य बना। सरकार उपनिषद से प्रेरित मंत्र की भावना के अनुरूप चलने लगी।
ऊँ सर्वे भवन्तु सुखिनः
सर्वे सन्तु निरामयाः
सर्वे भद्रान्नी पश्यन्तु
मां कश्चिद-दुखः-भाग-भवेत्
ऊँ शांतिः शांतिः शांति
( ऊँ! सभी सुखी हों, सभी को रोगमुक्ति मिले। सभी को लाभप्रद बातें दिखाई दें। किसी को कष्ट न हो। )
सरकार ने निर्धारित लक्ष्यों के पार जाने के लिए कठोर मेहनत करी। प्रतिबद्धता दिखाई, ईमानदार प्रयास किये, जिन लक्ष्यों के लिए मोदी जी जनता ने वोट दिये थे, परिर्वतन, विकास, रोजगार, गरीबों और वंचितों का वास्तविक व प्रभावी उत्थान, अंत्योदय के सिद्धांत को सामने रख कर 'दरिद्र नारायण' के प्रति अडिग प्रतिबद्धता, जाति, धर्म, पंथ की परवाह किये बिना एक भारत-श्रेष्ठ भारत व संविधान की भावना के अनुरूप सरकार का मार्ग निर्धारित किया गया।
12 वर्ष के शासनकाल की अल्प अवधि को मोदी जी ने ढाल नहीं बनाया। सरकार ने लक्ष्य निर्धारित कर, कठोर मेहनत कर परिणाम प्राप्त करना प्रारम्भ कर दिये। जनता को फर्क स्पष्ट दिखाई देने लगा।
2014-2015 के 17.94 लाख करोड़ रूपये से चलकर 2026-2027 का बजट 53.47 लाख करोड़ रूपये पर पहुंच गया। विश्व में 11वीं अर्थव्यवस्था वाला देश विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया।
करोना, रूस-युक्रेन युद्ध, अमेरिका- इजरायल- ईरान युद्ध जैसी वैश्विक संकटों के बाद भी देश को मजबूत, ईमानदार, प्रतिबद्ध व राष्ट्र सर्वोपरि के सिद्धांत को मानने वाले नेतृत्व का लाभ मिला। परिणाम भी मिलने लगे, आतंकवाद, नक्सलवाद इतिहास में चले गये, तुष्टिकरण समाप्त, तीन तलाक गायब, पिछड़े वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा, महिलाओं की नीति-निर्णयों में भागीदारी सुनिश्चित, आयात पर निर्भर देश निर्यात करने लगा, 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आये, सेना मजबूत, दमदार व सूसज्जित हुई, सीमाऐं सुरक्षित, आवास, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, ईंधन, ऊर्जा सुरक्षा, महिला सम्मान, रोजगार, आधुनिक यातायात, नभ-जल-थल सभी जगह नए अवसर, इतने सारे परिणामों के बावजूद सरकार पर भ्रष्टाचार, भाई-भतिजावाद, परिवारवाद, घोटालों की किसी भी संभावना का काई आरोप नहीं।
यही हैं, मोदी जी, यही है- मोदी सरकार जिसने विरासत के साथ विकास को अपनाया, विरासत का संरक्षण किया, वसुधैव-कुटुम्बकम को अपनाया, आस्था का सम्मान किया। कितना भी विश्लेषण किया जावे, जगह कम पड़ जावेगी पर मतदाता के चयन के कारण अनन्त निकलते ही चले जावेंगे। इसी कारण मोदी जी भारत ही नहीं विश्व के सबसे बड़े सर्वमान्य नेता हैं।
(लेखक भाजपा मप्र के प्रदेश कोषाध्यक्ष हैं)
दीपक सेठी
जबलपुर (मध्य प्रदेश)
9826162271


















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