विकास कार्यों परिक्रमा पथ को लेकर डोंगरगढ़ में उत्साह, विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं ने जताया आभार
डोंगरगढ़ राजनांदगांव। प्रस्तावित परिक्रमा पथ एवं पर्यटन विकास परियोजना को लेकर धर्म नगरी डोंगरगढ़ में उत्साह और हर्ष का वातावरण देखा जा रहा है। शहर एवं आसपास के ग्रामों के नागरिकों का मानना है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को नई ऊंचाई मिलेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि परियोजना के पूर्ण होने से श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधाओं में वृद्धि होगी, जिससे क्षेत्र के व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी लाभ मिलेगा।
परियोजना के समर्थन में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। नागरिकों का कहना है कि वर्षों से डोंगरगढ़ को एक समग्र धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग की जा रही थी, जिसे अब मूर्त रूप दिया जा रहा है।
इस अवसर पर प्रज्ञागिरि ट्रस्ट समिति, श्री जटाशंकर मंदिर ट्रस्ट समिति, श्री रावटी पहाड़ सतनाम सेवा समिति, श्री खाटू श्याम मंदिर निर्माण समिति सहित धर्म नगरी डोंगरगढ़ के विभिन्न धार्मिक संगठनों एवं सर्व समुदायों के प्रतिनिधियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण धरोहर सिद्ध होगी।
संस्थाओं के पदाधिकारियों ने कहा कि डोंगरगढ़ केवल मां बमलेश्वरी की नगरी ही नहीं, बल्कि विभिन्न धर्मों एवं समुदायों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में धार्मिक स्थलों को बेहतर मार्ग, सुविधाएं एवं पर्यटन अवसंरचना उपलब्ध होने से लाखों श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा। साथ ही क्षेत्र में होटल, परिवहन, छोटे व्यापार और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
समिति प्रतिनिधियों ने कहा कि विकास कार्यों में कुछ लोगों द्वारा अनावश्यक भ्रम फैलाने और आपत्तियां दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि अधिकांश नागरिक क्षेत्र के समग्र विकास के पक्ष में हैं। उनका कहना है कि यदि किसी प्रभावित व्यक्ति की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में आती है तो शासन प्रशासन के द्वारा प्रभावित लोगों को नियमानुसार उचित मुआवजा प्रदान किया जाना है लेकिन कुछ लोगों के द्वारा विकास कार्यों को पूरी तरह रोकने का प्रयास जनहित के विपरीत है।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि डोंगरगढ़ की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करने के लिए ऐसी परियोजनाएं आवश्यक हैं। लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी एवं न्यायसंगत तरीके से कार्य करेगी तथा विकास और जनहित दोनों के बीच संतुलन बनाए रखेगी।
धर्म नगरी के नागरिकों ने एक स्वर में कहा कि यह परियोजना केवल एक सड़क या परिक्रमा मार्ग का निर्माण नहीं, बल्कि डोंगरगढ़ के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन भविष्य को नई दिशा देने वाला प्रयास है। इसी कारण शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खुशी का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग इसके शीघ्र क्रियान्वयन की अपेक्षा कर रहे हैं।


















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