मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नेतृत्व में जिले की स्वास्थ्य सेवाएं
सारंगढ़- बिलाईगढ़, 10 जून 2026/ वर्तमान जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य चुनौतियों को गंभीरता से लेते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नेतृत्व में जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की समयपूर्व पहचान, प्रथम तिमाही में 100 प्रतिशत पंजीयन, चार गुणवत्तापूर्ण एएनसी जांच तथा समयबद्ध रेफरल व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रत्येक गर्भवती महिला की नियमित मॉनिटरिंग, ईडीडी ट्रैकिंग एवं प्रसव पूर्व आवश्यक जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में मातृ मृत्यु के प्रमुख कारणों जैसे उच्च रक्तचाप, एनीमिया, प्रसवोत्तर रक्तस्राव एवं संक्रमण की रोकथाम हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में रक्तचाप जांच, हीमोग्लोबिन परीक्षण, आयरन-फोलिक एसिड वितरण तथा उच्च जोखिम मामलों के त्वरित प्रबंधन पर विशेष बल दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक मातृ मृत्यु की विस्तृत समीक्षा कर कारणों का विश्लेषण किया जा रहा है तथा प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता, एम्बुलेंस नेटवर्क की सुदृढ़ता तथा रेफरल प्रबंधन को भी मजबूत किया जा रहा है।
जिला स्वास्थ्य प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया है कि योजनाबद्ध प्रयासों, नियमित निगरानी एवं सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाते हुए सुरक्षित मातृत्व के लक्ष्य को प्राप्त किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में सतत कमी लाना है।


















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