कई सालों बाद शुरू हुआ नकटा तालाब सफाई कार्य, अधूरा छोड़ लौटे जिम्मेदार; ग्रामीणों में नाराजगी
नकटा तालाब की सफाई एवं सीएसआर कार्यों की मांग को लेकर ग्रामीणों ने दी चक्का जाम और धरना प्रदर्शन की चेतावनी
बलौदाबाजार, ग्राम रसेड़ा के ग्रामीणों एवं ग्राम पंचायत ने न्यूकोको सीमेंट प्लांट सोनाडीह प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर नकटा तालाब की तत्काल सफाई एवं पूर्व में किए गए
सीएसआर वादों को पूरा करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में 25 जून 2026 को कंपनी के बैरियर गेट से खैदा-लटुवा मार्ग के मध्य नकटा तालाब के सामने चक्का जाम एवं धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम रसेड़ा स्थित मुख्य निस्तारी स्रोत नकटा तालाब प्लांट के भारी वाहनों के आवागमन एवं प्रदूषण के कारण दूषित हो गया है। तालाब में बड़ी मात्रा में कीचड़ जमा होने से इसकी जल संग्रहण क्षमता प्रभावित हुई है और क्षेत्र में जल संकट की स्थिति निर्मित हो गई है।
ग्रामीणों के अनुसार इस तालाब से ग्राम रसेड़ा की लगभग 100 प्रतिशत तथा समीपस्थ ग्राम रसेनी की लगभग 50 प्रतिशत आबादी निस्तारी कार्यों के लिए निर्भर है।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले पांच वर्षों से तालाब की सफाई की मांग लगातार की जा रही है, लेकिन अब तक केवल औपचारिक कार्रवाई की गई है। उनका कहना है कि तालाब में अत्यधिक कीचड़ जमा होने से जल स्रोत प्रभावित हो रहा है तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कराए गए परीक्षण में भी जल की गुणवत्ता पर प्रश्न उठे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन द्वारा वर्ष 2021 में सीएसआर के तहत तालाब गहरीकरण, फेंसिंग, आंतरिक सड़क कंक्रीटीकरण, स्ट्रीट लाइट एवं अन्य विकास कार्य कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक इन कार्यों को पूरा नहीं किया गया है।
ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों ने मांग की है कि आवेदन प्राप्ति के 10 दिनों के भीतर नकटा तालाब की पूर्ण सफाई एवं लंबित विकास कार्य प्रारंभ किए जाएं। अन्यथा 25 जून 2026 को व्यापक चक्का जाम एवं धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।
ग्रामीणों ने बताया कि कंपनी प्रबंधन द्वारा नकटा तालाब की पूर्ण सफाई एवं गहरीकरण कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद तालाब का पानी पंप के माध्यम से निकालकर तालाब को पूरी तरह सुखाया गया था। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि इसके बाद तालाब में जमी हुई कीचड़ को हटाकर व्यापक सफाई कार्य किया जाएगा, लेकिन कुछ समय तक सीमित कार्य करने के बाद सफाई अभियान अधूरा छोड़ दिया गया। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब को सुखाने के बावजूद कीचड़ हटाने और गहरीकरण का कार्य पूरा नहीं किया गया, जिसके कारण तालाब की जल संग्रहण क्षमता में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका और ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या जस की तस बनी हुई है।
CNI NEWS सिमगा से ओंकार साहू की रिपोर्ट























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