संघर्ष की जीत: वर्षों से लंबित मुआवजा मिला, प्रभावित किसान को मिला न्याय
बिलाईगढ़। अपर सोनिया जलाशय परियोजना से प्रभावित ग्राम मलुहा निवासी कृषक रमेशर उर्फ रामेश्वर को लंबे समय से लंबित मुआवजा राशि का भुगतान प्राप्त हो गया है। मुआवजा भुगतान की मांग को लेकर चल रहा संघर्ष अंततः सफल रहा, जिससे किसान एवं उनके परिवार में खुशी का माहौल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहित किए जाने के बाद भी किसान को निर्धारित मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया गया था। इसके विरोध में प्रभावित पक्ष एवं सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन किया गया। इस दौरान ज्ञापन सौंपने, धरना-प्रदर्शन, कार्यालय घेराव तथा भूख हड़ताल जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशासन का ध्यान समस्या की ओर आकर्षित किया गया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव मनीष चेलक ने बताया कि संबंधित प्रकरण में कई बार प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन देकर किसान को न्याय दिलाने की मांग की गई थी। लगातार प्रयासों और जनदबाव के बाद जिला प्रशासन ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। बताया गया कि जिला प्रशासन के निर्देशों के पश्चात जल संसाधन विभाग द्वारा आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर किसान के खाते में मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया गया। भुगतान प्राप्त होने पर किसान एवं उनके परिजनों ने संतोष व्यक्त करते हुए संघर्ष में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार जताया। मनीष चेलक ने कहा कि यह सफलता केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सत्य, धैर्य, एकता और संवैधानिक तरीके से किए गए संघर्ष की जीत है। उन्होंने ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, मीडिया प्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण और कानूनसम्मत संघर्ष के माध्यम से न्याय प्राप्त किया जा सकता है। आंदोलन से जुड़े लोगों ने इसे किसान अधिकारों, जनभागीदारी और संवैधानिक मूल्यों की महत्वपूर्ण जीत बताते हुए कहा कि यह मामला अन्य प्रभावित किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।


















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