Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Friday, June 12, 2026

एकजुट हुए स्वयंसेवी संगठन, 'जैविक पोषण वाटिका' से जिले को एनीमिया मुक्त बनाने का संकल्प

 

एकजुट हुए स्वयंसेवी संगठन, 'जैविक पोषण वाटिका' से जिले को एनीमिया मुक्त बनाने का संकल्प



कवर्धा:-  कबीरधाम जिले को एनीमिया मुक्त बनाने के संकल्प के साथ जिले के प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संगठनों ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। हाल ही में कवर्धा स्थित 'ग्रामोदय ग्राम विकास समिति' के कार्यालय में 10 जून 2026 को एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य जिले से एनीमिया (खून की कमी) को जड़ से समाप्त करने के लिए एक सामूहिक रणनीति तैयार करना था।

एनीमिया: - एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती

बैठक में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के आंकड़ों पर विशेष चर्चा की गई। NFHS-5 (2019-21) के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य में 15 से 49 वर्ष की आयु वर्ग की लगभग 61% महिलाएं एनीमिया से ग्रसित पाई गई थीं। हालांकि, हालिया NFHS-6 के तथ्यों में कुछ प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों के मापदंडों में बदलाव किए गए हैं और एनीमिया डेटा को नई कार्यप्रणाली के तहत अलग से ट्रैक करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, लेकिन NFHS-5 के आंकड़े आज भी नीति निर्माताओं और समाज सेवियों के लिए एक महत्वपूर्ण 'बेंचमार्क' (आधार) के रूप में कार्य करते हैं। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि कुपोषण और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करना जिले की स्वास्थ्य प्राथमिकता होनी चाहिए।

जैविक पोषण वाटिका:- एक सशक्त समाधान

इस बैठक में 'द सहायक ट्रस्ट', मुंबई से पधारे पीयूष सोनी ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। उन्होंने एनीमिया के मूल कारणों पर प्रकाश डालते हुए 'जैविक पोषण वाटिका' को एक प्रभावी, किफायती और टिकाऊ समाधान बताया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार घरों के आंगन या खाली जमीन पर जैविक सब्जियों और पोषक तत्वों से भरपूर फसलों को उगाकर महिलाएं न केवल अपने परिवार को ताजा पोषण दे सकती हैं, बल्कि एनीमिया जैसी समस्याओं से बचाव भी कर सकती हैं।

स्वयंसेवी संगठनों का संकल्प -

चर्चा में जिले के कई अग्रणी संगठनों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई। बैठक में गुरुदास मानिकपुरी (आस्था कला मंच, बोड़ला), हरीश साहू (नई चमक रक्तदान एवं जनकल्याण समिति), अरविन्द कुमार (शिवमंगल महिला समिति), दीपक विश्वास (समर्थ चैरिटेबल ट्रस्ट), दीपक कुमार बागरी (एग्रिकोन समिति) और चंद्रकांत यादव (कार्यकारी निदेशक, ग्रामोदय ग्राम विकास समिति) ने हिस्सा लिया। सभी प्रतिनिधियों ने एक स्वर में 'जैविक पोषण वाटिका' के माध्यम से जिले को एनीमिया मुक्त बनाने की प्रतिबद्धता जताई। सभी सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने और पोषण वाटिका की तकनीक को जन-जन तक पहुँचाने का निर्णय लिया।

भविष्य की राह -

एनीमिया मुक्त भारत अभियान न केवल स्वास्थ्य विभाग का उत्तरदायित्व है, बल्कि इसमें स्वयंसेवी संस्थाओं और जन-भागीदारी की भूमिका निर्णायक है। जिले में लगातार बढ़ रहे पोषण सुधार कार्यों के बीच, स्थानीय संगठनों का यह सामूहिक प्रयास एक नई आशा जगाता है। बैठक के समापन पर सभी ने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि यदि समय रहते जैविक पोषण वाटिका को हर घर का हिस्सा बनाया जाए, तो कबीरधाम जिला एनीमिया मुक्त भारत के सपने को साकार करने में एक मिसाल बन सकता है।
CNI NEWS कवर्धा छत्तीसगढ़ से अनवर खान की रिपोर्ट

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad