Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Monday, June 29, 2026

गरीबों का रोजगार छीनकर बना रहा कॉम्प्लेक्स? अड़बंधा तालाब निर्माण पर उठे गंभीर सवाल

 गरीबों का रोजगार छीनकर बना रहा कॉम्प्लेक्स? अड़बंधा तालाब निर्माण पर उठे गंभीर सवाल



भटगांव। नगर पंचायत भटगांव द्वारा अड़बंधा तालाब के समीप डॉ. भीमराव अंबेडकर परिसर के अंतर्गत बनाए जा रहे व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स को लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। 




क्षेत्रवासियों का आरोप है कि जहां वर्षों से गरीब एवं छोटे दुकानदार तालाब किनारे अस्थायी दुकानें लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे, वहीं अब उन्हें हटाकर कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। इससे अनेक गरीब परिवारों का रोजगार प्रभावित हो गया है।


स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की वैधता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जल संसाधन विभाग द्वारा वर्ष 2023 में खसरा नंबर 2052 की भूमि पर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किया गया था, जबकि वर्तमान निर्माण कार्य खसरा नंबर 2052/2 पर किए जाने का आरोप है। साथ ही नागरिकों का दावा है कि जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने स्थल का समुचित निरीक्षण किए बिना ही अनापत्ति प्रदान कर दी।


दस्तावेजों के अनुसार, अनापत्ति प्रमाण पत्र में स्पष्ट शर्त थी कि निर्माण कार्य से अड़बंधा तालाब की मूल संरचना, जलग्रहण क्षेत्र, जल निकासी मार्ग एवं सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। लेकिन स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान इन शर्तों की अनदेखी की जा रही है, जिससे तालाब के अस्तित्व और पर्यावरणीय संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।


क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि निर्धारित शर्तों का उल्लंघन हुआ है तो संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र की वैधता की जांच की जानी चाहिए तथा नियमों के विपरीत निर्माण पाए जाने पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।


नागरिकों ने जिला प्रशासन, जल संसाधन विभाग एवं नगरीय प्रशासन विभाग से संयुक्त जांच कर निर्माण कार्य की वैधानिकता की जांच कराने, नियमों का पालन सुनिश्चित करने तथा अनियमितता मिलने पर निर्माण कार्य पर रोक लगाकर जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित पक्षों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।


उठ रहे प्रमुख सवाल:


क्या जल संसाधन विभाग द्वारा निर्धारित सभी शर्तों का पालन किया जा रहा है?


क्या निर्माण कार्य स्वीकृत खसरा नंबर पर ही किया जा रहा है?


क्या तालाब की मूल संरचना, जलग्रहण क्षेत्र एवं जल निकासी प्रभावित हुई है?


क्या निर्माण से पूर्व आवश्यक तकनीकी एवं पर्यावरणीय परीक्षण कराए गए?


विस्थापित गरीब दुकानदारों के पुनर्वास एवं रोजगार के लिए क्या व्यवस्था की गई है?



क्षेत्रवासियों का कहना है कि जल संरक्षण की बात करने वाली सरकार के बीच यदि तालाब की सुरक्षा और गरीबों के रोजगार की अनदेखी हो रही है, तो इसकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए, ताकि किसी भी प्रकार की स्थायी क्षति से बचा जा सके।

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad