म्युल अकाउंट के माध्यम से ऑनलाइन जुआ-सट्टा नेटवर्क संचालित करने के तीन आरोपी जेल दाखिल
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
दुर्ग - मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर घेराबंदी कर गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाकर अवैध वित्तीय लेन-देन एवं ऑनलाइन सट्टा संचालन करने के तीन आरोपियों को एसीसीयू टीम की संयुक्त कार्यवाही से थाना खुर्सीपार पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं उमनि विजय अग्रवाल से इस संबंध में मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार दुर्ग पुलिस द्वारा जिले में जुआ , सट्टा , साइबर अपराध एवं अवैध वित्तीय गतिविधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गत दिवस थाना खुर्सीपार में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक तुलसी बिझेकर को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि आईटीआई खेल मैदान खुर्सीपार स्थित बिजली पोल के पास तीन युवक लैपटॉप एवं मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन जुआ-सट्टा का संचालन कर रहे हैं तथा उनके पास अधिक मात्रा में बैंक पासबुक , एटीएम कार्ड एवं अन्य बैंकिंग दस्तावेज मौजूद है। सूचना की गंभीरता को देखते हुये थाना प्रभारी खुर्सीपार को अवगत कराया गया , जिसके पश्चात तत्काल पुलिस टीम गठित कर स्वतंत्र गवाहों को साथ लेकर मौके पर दबिश दी गई। पुलिस टीम के पहुंचने पर संदिग्ध व्यक्तियों ने भागने का प्रयास किया , जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ा गया। मौके पर आरोपियों से पूछताछ करने पर उनके कब्जे से विभिन्न बैंकों की पासबुक , एटीएम कार्ड , चेकबुक , मोबाइल फोन , सिम कार्ड , लैपटॉप एवं हार्ड डिस्क बरामद किये गये।पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा ऑनलाइन जुआ-सट्टा संचालन एवं अवैध वित्तीय लेन-देन में संलिप्त होना स्वीकार किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ऑनलाइन सट्टा संचालन के लिये “अन्ना रेड्डी” ऑनलाइन बेटिंग एप्लीकेशन का उपयोग करते थे। आईपीएल सीजन के दौरान आरोपियों द्वारा रांची (झारखंड) में रहकर ऑनलाइन सट्टा संचालन एवं उससे संबंधित वित्तीय गतिविधियों का संचालन किया जाना प्रारंभिक जांच में पाया गया है। मौके पर बरामद सामग्री का पंचनामा तैयार किया गया। जप्त सामग्री पर वैधानिक कार्यवाही पूर्ण कर आरोपियों एवं सामाग्री को थाना लाया गया , जहां विधिवत जप्ती एवं अन्य कानूनी कार्यवाही की गई। प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध थाना खुर्सीपार में अपराध क्रमांक 236/2026 धारा 318(2) , 318(3) , 318(4) , 319 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 5 , 6 एवं 7 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। धारा सदर अपराध सबूत पाये जाने से एसीसीयू टीम की संयुक्त कार्यवाही से थाना खुर्सीपार पुलिस ने आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। उक्त कार्यवाही में थाना खुर्सीपार पुलिस एवं एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की सराहनीय भूमिका रही। विशेष रूप से सउनि तुलसी बिझेकर , प्रधान आरक्षक बल्लूराम सपहा , पेट्रोलिंग स्टाफ एवं साइबर टीम के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा सूचना संकलन , तकनीकी विश्लेषण , घेराबंदी एवं त्वरित कार्यवाही कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
अपराध करने का तरीका -
विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को पैसों का प्रलोभन देकर उनके नाम से विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाते थे। खाता खुलने के पश्चात संबंधित व्यक्तियों से पासबुक , एटीएम कार्ड , चेकबुक एवं मोबाइल सिम अपने कब्जे में रख लेते थे। साइबर अपराध एवं अवैध वित्तीय लेन-देन में ऐसे खातों को सामान्यतः "म्युल अकाउंट" कहा जाता है। आरोपी इन खातों का उपयोग “अन्ना रेड्डी” ऑनलाइन बेटिंग एप्लीकेशन के माध्यम से संचालित ऑनलाइन जुआ-सट्टा से प्राप्त धनराशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करने , अवैध लेन-देन को छिपाने तथा रकम की निकासी करने के लिये करते थे। इसके लिये अलग-अलग मोबाइल नंबर , सिम कार्ड , बैंक खाते एवं डिजिटल उपकरणों का उपयोग किया जाता था ताकि वास्तविक वित्तीय प्रवाह एवं संचालकों की पहचान छिपाई जा सके। प्रारंभिक जांच में यह भी ज्ञात हुआ है कि आईपीएल सीजन के दौरान आरोपियों द्वारा रांची (झारखंड) से नेटवर्क संचालित किया गया था तथा विभिन्न व्यक्तियों के बैंक खातों का उपयोग ऑनलाइन सट्टे से प्राप्त धनराशि के लेन-देन के लिये किया जा रहा था। बरामद डिजिटल उपकरणों , बैंक खातों एवं वित्तीय ट्रांजेक्शनों का तकनीकी एवं वित्तीय विश्लेषण जारी है।
गिरफ्तार आरोपीगण -
अजय मिश्रा उम्र 23 वर्ष निवासी - सेक्टर-01 , एवेन्यू सी , भिलाई , जिला - दुर्ग , दीपक कुमार उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम - नगदोई , जिला - नालंदा (बिहार) और करण कुमार सिंह उम्र 26 वर्ष निवासी - बालाजी नगर , खुर्सीपार , भिलाई , जिला - दुर्ग (छत्तीसगढ़)।
जप्त सामाग्री -
लेनोवो कंपनी का लैपटॉप – 01 नग , हार्ड डिस्क – 01 नग , मोबाइल फोन – 13 नग , सिम कार्ड – 11 नग , बैंक पासबुक – 62 नग , एटीएम कार्ड – 81 नग और चेकबुक – 05 नग कुल अनुमानित कीमत 2,50,000 रूपये।
दुर्ग पुलिस की अपील -
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक खाते , एटीएम कार्ड , पासबुक , चेकबुक , मोबाइल सिम अथवा बैंकिंग दस्तावेज उपयोग हेतु उपलब्ध ना करायें। ऐसे दस्तावेज साइबर अपराध , ऑनलाइन जुआ-सट्टा , वित्तीय धोखाधड़ी एवं मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों में प्रयुक्त हो सकते हैं। किसी भी संदिग्ध वित्तीय गतिविधि अथवा साइबर अपराध की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।


















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