पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) श्री रामकृष्ण साहू (IPS) के निर्देशन में जिले राजपत्रित अधिकारियों व थाना/चौकी प्रभारियों की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन।
सीएम हेल्पलाइन 1076, दोष मुक्ति प्रकरणों, समन्वय पोर्टल, साइबर पुलिस पोर्टल (NCCRP), CEIR, JCCTP, CAIR पोर्टल संबंधी प्रशिक्षण प्रदान।
आधुनिक टेक्नोलॉजी की इस युग में अपने आप को पूरी तरह प्रशिक्षित एवं सक्षम रखें - डीआईजी (DIG) श्री रामकृष्ण साहू।
साइबर अपराधों को प्राथमिकता पर रखकर डेटा डिजिटलीकरण एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता पर विशेष बल।
शिकायतों एवं आवेदनों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान प्राथमिकता के साथ करने दिये गए निर्देश।
"सुशासन तिहार" के दौरान जन समस्या/शिकायत आवेदनों का यथा संभव त्वरित समाधान करने की दिशा में दिया जोर।
साजा बेमेतरा, 06 जून 2026: पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) श्री रामकृष्ण साहू (IPS) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हरीश कुमार यादव के मार्गदर्शन में पुलिस कार्यालय बेमेतरा स्थित मीटिंग हॉल में जिले के राजपत्रित अधिकारियों व थाना/चौकी प्रभारियों की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में सीएम हेल्पलाइन 1076, समन्वय पोर्टल, साइबर पुलिस पोर्टल (NCCRP), CEIR, JCCTP तथा CAIR पोर्टल के उपयोग और संचालन के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस अवसर पर डीआईजी (DIG) श्री रामकृष्ण साहू (IPS) ने प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि – आधुनिक टेक्नोलॉजी की इस युग में अपने आप को पूरी तरह प्रशिक्षित एवं सक्षम रखें और उच्च अधिकारियों के निर्देश की पालन करते हुए मांगे गए जवाब को निश्चित समय अवधि में भेजना सुनिश्चित करें। “साइबर अपराधों को प्राथमिकता पर रखते हुए डेटा का डिजिटलीकरण और उसका सुरक्षित प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। साइबर सुरक्षा को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना तथा डिजिटल साक्ष्यों का सुरक्षित एवं प्रभावी प्रबंधन करना समय की मांग है।”
उन्होंने साइबर अपराधों की जांच* में आने वाली चुनौतियों और कानूनी-तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया कि साइबर फ्रॉड की स्थिति में साइबर पुलिस पोर्टल में शिकायत दर्ज करने की संपूर्ण प्रक्रिया को समझना और उस पर तत्परता से कार्यवाही करना अनिवार्य है।
कार्यशाला में थाना/चौकी प्रभारियों को सीएम हेल्पलाइन 1076, समन्वय पोर्टल, NCCRP, CEIR, JCCTP तथा CAIR पोर्टल के संचालन के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं के निराकरण के लिए टीम भावना से कार्य करने हेतु दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि प्रदेश का कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप अथवा लिखित आवेदन के माध्यम से अपनी शिकायत 24×7 दर्ज करा सकेगा। शिकायत दर्ज होते ही शिकायतकर्ता को एक यूनिक शिकायत क्रमांक प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से वह अपनी शिकायत की वर्तमान स्थिति, संबंधित विभाग एवं अधिकारी की जानकारी तथा समाधान की समयसीमा देख सकेगा। सीएम हेल्पलाइन सेंटर सप्ताह के सातों दिन एवं चौबीसों घंटे संचालित रहेगा, जिससे नागरिकों को किसी भी समय अपनी समस्या दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी। शासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिक भी इस सुविधा का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मैदानी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों को तकनीकी एवं प्रशासनिक रूप से सुदृढ़ बनाना, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा शासन और जनता के बीच पारदर्शिता एवं विश्वास को बढ़ावा देना है। इस पहल से आम नागरिकों की समस्याओं का घर बैठे एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सकेगा। राज्य सरकार की यह नई व्यवस्था सुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनसुविधा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे नागरिकों को शासन की सेवाओं का लाभ अधिक सरलता एवं प्रभावशीलता के साथ प्राप्त होगा।
प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान दोष मुक्ति प्रकरणों के संबंध में विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहन चर्चा हुई, इस प्रशिक्षण कार्यशाला समीक्षा बैठक में माननीय न्यायालय द्वारा कुछ प्रकरणों में आरोपियों के दोष मुक्ति होने के कारणों के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई। जिसमें किसी भी मामलों में प्रकरणों के विवेचकों द्वारा विवेचना में होने वाले त्रुटियों को दूर करने हेतु एवं भौतिक साक्ष्यों को सावधानी से एकत्र करने हेतु अधिकारियों ने सुझाव दिये। विवेचना के दौरान घटना स्थल का बारिकी से निरीक्षण कर परीस्थितिजन्य साक्ष्य एकत्र करने एवं संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुये कार्यवाही करने, त्रुटि रहित विवेचना करने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया, अपराध करने वाले आपराधियों को शतप्रतिशत सजा मिल सके। साथ ही नए कानूनों के लागू हाने पर तकनीकी साक्ष्यों के संकलन के महत्व उनके संकलन के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
डीआईजी (DIG) श्री रामकृष्ण साहू ने राजपत्रित अधिकारियों, थाना/चौकी प्रभारियों एवं विवेचको को निर्देशित किया गया कि वे साक्ष्य संकलन और कानूनी प्रक्रियाओं में अधिक सतर्कता और गंभीरता बरतें। गंभीर अपराधों और एनडीपीएस एक्ट के विवेचना के मामलों में अधिक से अधिक मामलों में दोषसिद्धि हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। अपने कार्यों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करें, ताकि न्यायिक प्रक्रियाएं अधिक प्रभावी और सुदृढ़ हो सकें।
कार्यशाला के दौरान डीआईजी (DIG) श्री रामकृष्ण साहू द्वारा पुलिस अनुविभाग बेमेतरा एवं बेरला के साथ-साथ संबंधित थानों एवं चौकियों में लंबित शिकायतों की अनुविभाग एवं थाना-वार समीक्षा की गई। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा "आज करेंगे, कल करेंगे" जैसी मानसिकता से बचते हुए सभी शिकायतों का गंभीरता से जांच कर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही जन शिकायत, सीपी ग्राम, सीएम जनदर्शन, ई-समाधान एवं अन्य पोर्टल में आने वाले शिकायतों का भी समीक्षा कर गंभीरता से जांच कर शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिये गये।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त सभी शिकायतों एवं आवेदनों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान करना प्रत्येक अधिकारी की प्राथमिकता होनी चाहिए।
डीआईजी (DIG) श्री रामकृष्ण साहू ने "सुशासन तिहार 2026" के मद्देनजर जन शिकायतों के समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होने "सुशासन तिहार" में प्राप्त समस्याओं का समाधान करना और कानून व्यवस्था की सुदृढ़ता, एवं नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हरीश कुमार यादव एवं डीएसपी (मुख्यालय) श्री राजेश कुमार झा, एसडीओपी बेमेतरा श्री भुषण एक्का, एसडीओपी बेरला श्री विनय कुमार, डीएसपी श्रीमती शशीकला उईके एवं मुख्यलिपिक उप निरीक्षक (अ) हरिओम विश्वकर्मा, निरीक्षक कृष्णकांत सिंह, साइबर सेल/थाना/चौकी प्रभारी निरीक्षक चंद्रदेव वर्मा, सोनल ग्वाला, मयंक मिश्रा, सत्य प्रकाश उपाध्याय, रोशन लाल टोन्डे, लेखराम ठाकुर, दुलेश्वर चंद्रवंशी, उप निरीक्षक डी.एल. सोना, राजकुमार साहू, अलील चंद, राकेश साहू ,भुनेश्वर यादव, द्वारिका प्रसाद देशलहरे, असीम र्कितनीया, योगेश अग्रवाल, सउनि कंवल सिंह नेताम, शिकायत शाखा प्रभारी सउनि विष्णु सप्रे, एमटीओ माधव सिंह साहू, प्रशिक्षु उपनिरीक्ष सुरेश चौहान, सतवन सिंह, सुरेन्द्र कुमार, सूरज प्रकाश, जितयेन्द्र कुमार, निधि गुप्ता, चंचल पांडेय, ईश्वरी कुमारी डुप्ले समेत कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।


















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