जिला पंचायत की सामान्य सभा में गूंजे जनहित के मुद्दे, जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने शिक्षा व कृषि विभाग को घेरा
महासमुंद / बसना। जिला पंचायत महासमुंद की सामान्य सभा की बैठक में बसना विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-12 के जिला पंचायत सदस्य एवं सक्रिय कांग्रेस नेता मोक्ष कुमार प्रधान ने जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों को पूरी मजबूती और आक्रामक अंदाज में उठाया। बैठक के दौरान उन्होंने शिक्षा एवं कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए अधिकारियों से जवाब-तलब किया और कहा कि जनता की समस्याओं को किसी भी कीमत पर अनदेखा नहीं होने दिया जाएगा।
बैठक में सबसे पहले शिक्षा विभाग का मामला उठाते हुए मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि जिले के अनेक शासकीय विद्यालय आज भी आहता (बाउंड्री वॉल) विहीन हैं। विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था का अभाव है, जिससे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की बातें करती है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं की कमी आज भी दूर नहीं हो सकी है।
उन्होंने पिथौरा ब्लॉक के शासकीय हाई स्कूल ढोढरकसा का मामला प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि वहां एक शिक्षक से जुड़ा गंभीर मामला लंबे समय से चर्चा में है, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि यदि किसी विद्यालय में अनियमितता या लापरवाही की शिकायत मिलती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए, न कि मामले को दबाने का प्रयास किया जाए।
इसके बाद उन्होंने शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल पिरदा की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वहां शिक्षकों की भारी कमी के कारण छात्र-छात्राएं मजबूर होकर टी.सी. लेकर अन्य विद्यालयों में प्रवेश लेने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता है। यदि समय रहते शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो क्षेत्र के विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होगा। उन्होंने मांग की कि रिक्त पदों पर तत्काल शिक्षकों की पदस्थापना की जाए ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
मोक्ष कुमार प्रधान ने कृषि विभाग को भी कठघरे में खड़ा करते हुए किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि विभाग का दावा है कि अप्रैल माह में ही खाद का भंडारण कर लिया गया था, लेकिन आज तक खाद का डिस्पैच नंबर जारी नहीं होने के कारण किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि जब भंडारण पहले ही हो चुका था तो वितरण में इतनी देरी क्यों हो रही है। किसानों को खेती के महत्वपूर्ण समय में खाद के लिए भटकना पड़ रहा है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है।
उन्होंने कहा कि जिला पंचायत केवल औपचारिक बैठक करने का मंच नहीं है, बल्कि यह जनता की आवाज उठाने का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक मंच है। जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे जनता की समस्याओं को मजबूती से रखें और उनका समाधान सुनिश्चित कराएं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शिक्षा, कृषि और अन्य विभागों की लापरवाही से जनता परेशान होती रही तो आने वाले समय में जनहित में और अधिक प्रभावी आंदोलन किया जाएगा।
बैठक के दौरान मोक्ष कुमार प्रधान ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दोहराया कि वे क्षेत्र की जनता के विश्वास पर खरा उतरने के लिए हर मंच पर उनकी आवाज बुलंद करते रहेंगे और शिक्षा, किसानों तथा आम नागरिकों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष जारी रहेगा।
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी विभिन्न विभागों से जुड़े विषयों पर चर्चा की, वहीं मोक्ष कुमार प्रधान द्वारा उठाए गए मुद्दों को जनहित से जुड़ा बताते हुए गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता जताई गई।


















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