झुकती है दुनियाँ , झुकाने वाला चाहिये - सीजेपी
कॉकरोच की हुई जीत - धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
नई दिल्ली - नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर मंतर समेत देश भर में जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दो पेज में 575 शब्दों में आज अपनी इस्तीफा चिट्ठी लिखकर प्रधानमंत्री मोदी को भेज दिया है। वर्ष 2014 में पहली बार मोदी सरकार बनने के बाद बारह साल के कार्यकाल में धर्मेंद्र प्रधान पहले मंत्री हैं , जिन्हें विरोध के चलते इस्तीफा देना पड़ा है। हालांकि इससे पहले वर्ष 2018 में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने इस्तीफा दिया था , लेकिन तब दुनियां भर में 'मी टू' आंदोलन चल रहा था और अकबर पर पत्रकारिता के दिनों में यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे।धर्मेन्द्र प्रधान ने कॉकरोच जनता पार्टी के दिल्ली में जारी आंदोलन के मद्देनजर इस्तीफा दिया है। सीजेपी एग्जामिनेशन सिस्टम में सुधार , नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले एक महीने से भी अधिक समय से प्रदर्शन कर रही है और प्रधान का इस्तीफा उसकी प्रमुख मांगों में शामिल था। इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा- वे कहते थे, इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए। उनके इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा - वे कहते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते , लेकिन झुकती है दुनियां , झुकाने वाला चाहिये। अभिजीत दीपके ने कहा - धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया है , यह इस बात का सबूत है कि अगर आप डरते नहीं हैं। अगर आप इस सरकार के सामने झुकते नहीं हैं , तो आप किसी से भी इस्तीफ़ा दिलवा सकते हैं और लोकतंत्र में डरने की ज़रूरत नहीं है। इससे पहले कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल भी उनके इस्तीफ़े की मांग पर अड़े थे। वहीं सोनम वांगचुक ने अस्पताल से किये पोस्ट में लिखा - यह लोकतंत्र की जीत है , प्रत्यक्ष लोकतंत्र... सड़कों से मिली जीत। यह शांति , धैर्य और दृढ़ता की जीत है। सीजेपी और जेन जेड को बधाई। देश के हर कोने से उठ खड़े होने के लिये सभी नागरिकों को धन्यवाद।
क्यों कहा हमारे यहां इस्तीफे नही होते ?
जून 2015 में तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि हमारे यहां इस्तीफे नहीं होते हैं , यह यूपीए सरकार नहीं है। दरअसल भाजपा सरकार पर भगोड़े ललित मोदी की गुपचुप तरीके से मदद करने के आरोप लगे थे। तब सुषमा स्वराज विदेश मंत्री थीं। कांग्रेस ने कहा कि ललित मोदी एक भगोड़ा अपराधी है , लेकिन सरकार उसकी मदद कर रही है। ऐसे में विदेश मंत्री को इस्तीफा देना चाहिये।
पिछले दिनों की घटनाक्रम -
20 जुलाई - सीजेपी का संसद मार्च , प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज , कई सिर फूटे।
21 जुलाई - अभिजीत दीपके बोले - बात करना है तो सरकार खुद जंतर-मंतर आये।
22 जुलाई- सोनम वांगचुक बोले - सरकार से भरोसा मिला तो अनशन तोडूंगा।
23 जुलाई - कॉकरोच जनता पार्टी बोली - सरकार बात करने जंतर-मंतर आये।
24 जुलाई - सरकार सीजेपी में दूसरे दौर की बातचीत ; वांगचुक का अनशन खत्म।


















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