जिला सिवनी मध्यप्रदेश
जिला पंचायत सिवनी में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी की अध्यक्षता में संपन्न हुई
सी एन आई न्यूज सिवनी आज दिनांक 28/07/2026 को जिला पंचायत सिवनी में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी की अध्यक्षता में पशुपालन एवं डेयरी विभाग अंतर्गत लखपति गौपालक दीदी योजना का एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक श्री संजय रस्तोगी जिला सिवनी के समस्त क्लस्टर स्तरीय अधिकारियों के साथ उपस्थित रहे। उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी ने सभाकक्ष में उपस्थित सभी को अवगत कराया कि लखपति गौपालक योजना डेयरी विकास कार्यक्रम के साथ साथ एक व्यव्हारिक और वैज्ञानिक विधि है जिसको अपनाकर शून्य पूंजीगत निवेश पर ग्रामीण महिलाएं अपने देशी अवर्णित गाय तथा भैंस में कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से उच्च गुणवत्ता के आनुवांशिक f1 पीढ़ी की बछिया या पड़िया प्राप्त कर उसे उचित पोषण तथा स्वास्थ्य रक्षक उपाय अपनाकर उसकी माता की तुलना में दो से तीन गुना दूध उत्पादन प्राप्त कर सकेगी। तथा इससे तीन से चार लाख रूपए सालाना की आय ले सकते हैं और यदि इस प्रकार की तीन से चार पड़िया या बछिया को गाय भैंस में परिवर्तित कर रुपए 10 लाख सालाना की आय अर्जित की जा सकती है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी द्वारा ग्रामीण आजीविका मिशन जिला सिवनी के समस्त क्लस्टर स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिला सिवनी की समस्त पशु सखियों के माध्यम से समस्त स्व सहायता समूह की सदस्य महिलाओं को इस योजना की जानकारी दी जाये तथा ग्राम पंचायत स्तर से योजना के प्रचार-प्रसार हेतु दिवारों पर स्लोगन लिखवाकर सभी पशुपालकों को घर घर संदेश दिया जायें । उक्ताशय की जानकारी डॉ मनीष कुमार शेन्डे सहायक संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग सिवनी द्वारा दी
पशुपालन एवं डेयरी विभाग अंतर्गत लखपति गौपालक दीदी योजना का एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक श्री संजय रस्तोगी जिला सिवनी के समस्त क्लस्टर स्तरीय अधिकारियों के साथ उपस्थित रहे। उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी ने सभाकक्ष में उपस्थित सभी को अवगत कराया कि लखपति गौपालक योजना डेयरी विकास कार्यक्रम के साथ साथ एक व्यव्हारिक और वैज्ञानिक विधि है जिसको अपनाकर शून्य पूंजीगत निवेश पर ग्रामीण महिलाएं अपने देशी अवर्णित गाय तथा भैंस में कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से उच्च गुणवत्ता के आनुवांशिक f1 पीढ़ी की बछिया या पड़िया प्राप्त कर उसे उचित पोषण तथा स्वास्थ्य रक्षक उपाय अपनाकर उसकी माता की तुलना में दो से तीन गुना दूध उत्पादन प्राप्त कर सकेगी। तथा इससे तीन से चार लाख रूपए सालाना की आय ले सकते हैं और यदि इस प्रकार की तीन से चार पड़िया या बछिया को गाय भैंस में परिवर्तित कर रुपए 10 लाख सालाना की आय अर्जित की जा सकती है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी द्वारा ग्रामीण आजीविका मिशन जिला सिवनी के समस्त क्लस्टर स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिला सिवनी की समस्त पशु सखियों के माध्यम से समस्त स्व सहायता समूह की सदस्य महिलाओं को इस योजना की जानकारी दी जाये तथा ग्राम पंचायत स्तर से योजना के प्रचार-प्रसार हेतु दिवारों पर स्लोगन लिखवाकर सभी पशुपालकों को घर घर संदेश दिया जायें । उक्ताशय की जानकारी डॉ मनीष कुमार शेन्डे सहायक संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग सिवनी द्वारा दी गई।
जिला ब्यूरो छब्बी लाल कमलेशिया की रिपोर्ट


















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