जिला सिवनी मध्यप्रदेश
EOW की कार्रवाई ने साबित किया अध्यक्ष का निर्णय सही था - "अब दूध का दूध, पानी का पानी होगा": मीना गोल्हानी
सी एन आई न्यूज सिवनी
लखनादौन। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की गाडरवारा और लखनादौन में हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद नगर परिषद लखनादौन की अध्यक्ष श्रीमती मीना बलराम गोल्हानी ने पहली बार खुलकर मोर्चा खोला है। अध्यक्ष का कहना है कि EOW की यह कार्रवाई उनके द्वारा पूर्व में उठाए गए सवालों का "प्रामाणिक जवाब" है।
"महिला अध्यक्ष होने के बाद भी कराई गई थी दुर्भावनापूर्ण FIR"
श्रीमती गोल्हानी ने आरोप लगाया कि पूर्व में नगर परिषद के राजस्व और दुकानों से जुड़े वैधानिक निर्णयों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। उनका दावा है कि परिषद के हित में कॉर्नर दुकान को नगर परिषद के स्वामित्व में लेने और बीच वाली दुकान के स्थल परिवर्तन का प्रस्ताव PIC से नियमानुसार पारित किया गया था। इसी को आधार बनाकर उनके और PIC के सभापतियों के विरुद्ध गलत तथ्यों के साथ एफआईआर दर्ज कराई गई।
अध्यक्ष ने कहा, _"पूर्व में मेरे विरुद्ध रचे गए षड्यंत्रों का जवाब अब जांच से मिल रहा है। दूध का दूध और पानी का पानी होगा।"_
2017 से 2020 तक 1.58 करोड़ के कथित गबन का मामला जांच में
EOW की कार्रवाई का हवाला देते हुए अध्यक्ष ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2019-20 के बीच नगर परिषद में ₹1,58,39,794 के वित्तीय गबन का मामला उजागर हुआ है। यह आंकड़ा संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, जबलपुर के पत्र दिनांक 14.10.2020 द्वारा प्रमाणित है।
अध्यक्ष के अनुसार इसी अवधि में वित्त विभाग के निर्देश पत्र क्र. 656/527/2000/सी/चार दिनांक 28/3/2000 का उल्लंघन कर नियुक्तियों में प्रति कर्मचारी ₹40,000 से ₹20 लाख तक अवैध वसूली कर नियमितीकरण किए जाने के आरोप भी हैं।
EOW सूत्रों के अनुसार कार्रवाई में गाडरवारा और लखनादौन में आलीशान भवन, कमर्शियल प्लॉट, थार गाड़ी, नकदी और आभूषण बरामद किए गए हैं। इससे आय से अधिक संपत्ति के एंगल से भी जांच आगे बढ़ रही है।
"शिकायतों के बाद ही भेजी थी स्थानांतरण की अनुशंसा"
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनके कार्यकाल में तत्कालीन CMO योगेंद्र सिंह धीमोले की कार्यप्रणाली को लेकर नगरवासियों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। अनियमितता और जनसामान्य से दुर्व्यवहार के आरोपों के बाद PIC की बैठक में प्रस्ताव पारित कर शासन को स्थानांतरण की अनुशंसा भेजी गई थी।
उल्लेखनीय है कि प्रभारी CMO योगेंद्र कुमार डिमोले को पूर्व में ही आदेश क्रमांक 251/न.परि./स्था./2020 दिनांक 02/09/2020 के तहत रिकॉर्ड गायब करने और वित्तीय अनियमितता के आरोप में निलंबित किया जा चुका है।
"विकास से बौखलाए विरोधी, छवि खराब करने की साजिश"
श्रीमती गोल्हानी ने कहा कि यदि पूर्व परिषद के कार्यकाल में करोड़ों की कथित अनियमितताओं की जांच हो रही है तो यह इस बात का प्रमाण है कि वर्तमान परिषद पारदर्शिता और जवाबदेही से काम कर रही है।
उन्होंने कहा, _"मैं एक धार्मिक एवं ईमानदार परिवार की पुत्रवधू हूं। मेरे लिए लखनादौन नगर का गुणवत्तापूर्ण विकास और जनता जनार्दन सर्वोपरि है। मेरा उद्देश्य पहले दिन से ही दहशत और भ्रष्टाचार को समाप्त करना है। अगर मैं ही भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दूंगी तो मुझमें और पूर्व की परिषद में क्या फर्क रह जाएगा। जनता ने परिवर्तन के लिए जनादेश दिया है और वह हमारे कार्यों में दिखना चाहिए।"_
EOW से निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग
अध्यक्ष ने EOW से मांग की कि प्रकरण की निष्पक्ष, व्यापक और समयबद्ध जांच हो। यदि जांच में बेनामी संपत्ति, अवैध लेन-देन या अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाए।
अंत में उन्होंने कहा कि लखनादौन की जनता भ्रष्टाचार-मुक्त और जवाबदेह प्रशासन चाहती है। नगर परिषद अपने संकल्प पर अडिग है और भविष्य में भी जनहित में कोई समझौता नहीं होगा।
समाचार में उल्लेखित तथ्य, आंकड़े और आरोप शिकायतकर्ताओं, अध्यक्ष के कथन एवं शासकीय पत्रों पर आधारित हैं। अंतिम निर्णय जांच एजेंसी और माननीय न्यायालय के अधीन है।
जिला ब्यूरो छब्बी लाल कमलेशिया की रिपोर्ट


















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