राजनांदगांव
राष्ट्रीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं जन जागरूकता शैक्षिक संगोष्ठी 2026 संपन्न
मां बमलेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ के प्रांगण में पहली बार हुआ राष्ट्रीय स्तर का आयोजन, विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों ने किया विचार एवं प्रयोगों का प्रस्तुतीकरण
डोंगरगढ़ :-
प्रकृति शिक्षक विज्ञान यात्रा द्वारा वैज्ञानिक जागरूकता अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण दिवस के परिप्रेक्ष्य में मां बमलेश्वरी मंदिर, डोंगरगढ़ के प्रांगण में राष्ट्रीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं जन जागरूकता शैक्षिक संगोष्ठी 2026 का आयोजन किया गया।
छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित इस राष्ट्रीय स्तरीय संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य समाज में वैज्ञानिक सोच, तर्कशीलता, प्रश्न करने की प्रवृत्ति एवं जन-जागरूकता को बढ़ावा देना तथा अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनोज मिश्रा, राष्ट्रीय संयोजक एवं बिहार रहे, कार्यक्रम की अध्यक्षता भुवनेश्वर मरकाम, सचिव, टीम नेक्स्ट ने की। कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित अतिथियों के रूप में विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीनिवास मिश्रा राजनादगांव, डॉ. आशीष नायक, धमतरी , डॉ. स्वाति गंधर्व, कुमार मंडावी अभिषेक शुक्ला, भुवनेश्वर मरकाम, एवं लखन साहू, अश्विनी पचबिए, भारती तिवारी सहित अनेक शिक्षाविद्, विज्ञानप्रेमी, शिक्षक एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों ने किया सहभागिता
राष्ट्रीय संगोष्ठी में छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के साथ-साथ बिहार, मध्य प्रदेश एवं हिमाचल प्रदेश, से आए प्रतिभागियों ने सहभागिता की। प्रतिभागियों ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जन-जागरूकता, शिक्षा में विज्ञान की भूमिका तथा सामाजिक कुरीतियों को वैज्ञानिक सोच के माध्यम से दूर करने जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। साथ ही विभिन्न विद्यालयों एवं जिलों से आए प्रतिभागियों ने अपने वैज्ञानिक मॉडल, प्रयोग एवं नवाचारी गतिविधियों का प्रदर्शन किया।
संगोष्ठी में प्रस्तुत विभिन्न प्रयोगों एवं गतिविधियों के माध्यम से दैनिक जीवन में दिखाई देने वाली कई धारणाओं और सामाजिक कुरीतियों को वैज्ञानिक कारणों से जोड़कर समझाया गया। प्रतिभागियों ने यह संदेश दिया कि किसी भी घटना अथवा धारणा को बिना जांचे-परखे स्वीकार करने के बजाय उसे तर्क, तथ्य, प्रमाण एवं वैज्ञानिक परीक्षण की कसौटी पर परखा जाना चाहिए।
विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए वैज्ञानिक प्रयोग
कार्यक्रम में विभिन्न जिलों एवं विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपने वैज्ञानिक प्रयोगों और मॉडलों का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों के प्रयोगों ने संगोष्ठी को विशेष रूप से आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक बनाया। शिक्षकों ने भी अपने अनुभव एवं टीचिंग मॉडल (TLM) के माध्यम से विज्ञान को सरल एवं व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के आधार स्तंभ के रूप में हेमंत उइके,मनीष अहीर, समीक्षा,पूरन लाल साहू, एवं लखन साहू सहित अन्य शिक्षक साथियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके द्वारा प्रस्तुत गतिविधियों एवं प्रयोगों के माध्यम से वैज्ञानिक दृष्टिकोण को जनसामान्य तक सरल भाषा में पहुंचाने का प्रयास किया गया।
संयुक्त टीम ने किया कार्यक्रम का संचालन
संगोष्ठी का प्रभावी संचालन भारती तिवारी, मीनाक्षी हेमन, मनीष अहीर एवं समीक्षा गायकवाड़ की संयुक्त टीम द्वारा किया गया। संचालन के दौरान , स्लोगन, वैज्ञानिक संदेश एवं संवाद के माध्यम से कार्यक्रम को रोचक एवं प्रभावशाली बनाया गया।
कार्यक्रम की तकनीकी व्यवस्था में अशोक जंघेल एवं बृजलाल मंडावी ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। वहीं विभिन्न गतिविधियों के संचालन एवं आयोजन व्यवस्था में अश्वनी पंचबीये राजेंद्र कुमार, नीलिमा गौतम, परविंदर कौर गिल,सुरेखा पुरेंद्र, चंद्रिका सिंग, क्षमा उइके, संदीप सेन,ईश्वर दास,रश्मि अग्रवाल,गीतांजलि साहू, सहित अन्य शिक्षक साथियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विज्ञान के माध्यम से जागरूक समाज का संदेश
संगोष्ठी के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण का अर्थ किसी धर्म, जाति या समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं, बल्कि प्रत्येक विषय को तर्क, तथ्य और प्रमाण के आधार पर समझने की प्रवृत्ति विकसित करना है। कार्यक्रम में सामाजिक सद्भाव एवं सभी की आस्थाओं के सम्मान के साथ अंधविश्वास एवं अवैज्ञानिक धारणाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
आयोजकों ने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की शुरुआत बच्चों में “क्यों?” और “कैसे?” जैसे प्रश्न पूछने की आदत विकसित करने से होती है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए प्रकृति शिक्षक विज्ञान यात्रा द्वारा भविष्य में भी विभिन्न स्थानों पर विज्ञान जागरूकता एवं शैक्षिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
राष्ट्रीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं जन जागरूकता शैक्षिक संगोष्ठी 2026 ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं समाज के विभिन्न वर्गों को ज्ञान, तर्क, प्रयोग और वैज्ञानिक सोच के माध्यम से जागरूक समाज के निर्माण का संदेश दिया। में पहली बार हुआ राष्ट्रीय स्तर का आयोजन, विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों ने किया विचार एवं प्रयोगों का प्रस्तुतीकरण किया गया
सी एन आई न्यूज़ के लिए संतोष सहारे की रिपोर्ट



















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