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Wednesday, August 5, 2026

पिथौरा स्वास्थ्य केंद्र में कचरे का ढेर, बरसात में बीमारी फैलने का खतरा

 सी एन आई न्यूज रिपोर्टर रमेश श्रीवास्तव पिथौरा 9977708864


पिथौरा स्वास्थ्य केंद्र में कचरे का ढेर, बरसात में बीमारी फैलने का खतरा



पिथौरा नगर पंचायत के कचरा वाला गाड़ी पिथौरा शहर के सुख और गीला कचरा दोनों उठाता है तो इनमें से सहयोग क्यों नहीं दिया जाता


पिथौरा स्वास्थ्य केंद्र की हालत "स्वास्थ्य केंद्र" कम और "कचरा केंद्र" ज्यादा लग रही है। अस्पताल परिसर और उसके आसपास जगह-जगह कचरा फैला हुआ है। बरसात के मौसम में गंदगी के कारण मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है।


जहां सफाई जरूरी, वहीं गंदगी

स्वास्थ्य केंद्र वह जगह मानी जाती है जहां मरीज इलाज के लिए आते हैं और साफ-सफाई सबसे जरूरी होती है। लेकिन पिथौरा केंद्र में इसके उल्टा नजारा है। वार्ड के पास, प्रवेश द्वार और खाली पड़े भूखंडों में प्लास्टिक, पत्ते, पुराने ग्लास और घरेलू कचरा जमा है। नालियों में भी पानी भरकर गंदगी सड़ रही है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई हफ्तों से कचरा नहीं उठाया गया है। "अस्पताल में दवा लेने आएं और बीमारी लेकर जाएं, ऐसी स्थिति हो गई है। चारों तरफ मच्छर ही मच्छर हैं। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा खतरा है," एक ग्रामीण ने बताया।


बरसात में बढ़ा खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बरसात के दिनों में रुके हुए पानी और गंदगी में मच्छर सबसे ज्यादा पनपते हैं। एक बार मच्छरों की संख्या बढ़ गई तो डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया जैसी बीमारियां पूरे गांव में फैल सकती हैं। स्वास्थ्य केंद्र में ही अगर संक्रमण का स्रोत होगा तो मरीजों की संख्या और बढ़ने का डर है।


प्रशासन से मांग

ग्रामवासियों और मरीजों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तुरंत सफाई कराने, कीटनाशक दवा का छिड़काव कराने और कचरा निपटान की नियमित व्यवस्था करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक परिसर को पूरी तरह साफ नहीं किया जाता, तब तक बीमारी का खतरा टलने वाला नहीं है।


स्वास्थ्य केंद्र की इस हालत ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि इलाज की जगह अगर खुद बीमारी को न्योता देगी, तो आम जनता कहां जाएगी

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