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Wednesday, August 5, 2026

राखी का होता है महत्वपूर्ण स्थान... रक्षाबंधन के बाद इस रक्षासूत्र को इधर -उधर ना फेंके।

 राखी का होता है महत्वपूर्ण स्थान... रक्षाबंधन के बाद इस रक्षासूत्र को इधर -उधर ना फेंके।   




               सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी ।        रक्षा बंधन २०२६- इस साल रक्षाबंधन का यह त्योहार शुक्रवार २८ अगस्त २०२६ को मनाया जाएगा रक्षाबंधन के बाद राखी को इधर-उधर नहीं फेंकना चाहिए शास्त्रों में इसे अशुभ माना गया है. इसका नकारात्मक प्रभाव भाई के जीवन पर पड़ सकता है ।



भाई और बहन के प्यार का प्रतीक मनाए जाने  वाला यह पर्व रक्षाबंधन हर साल सावन पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है. इस दिन बहन भाई के माथे पर तिलक लगाकर हाथ की कलाई पर रक्षा सूत्र बनती है और भाई की सुख समृद्धि के लिए भगवान से कामना करती हैं. बदले में भाई बहनों को ढेर सारा उपहार देता है और हमेशा कठिन समय में साथ देने का वचन भी करता है. रक्षाबंधन के दिन राखी का त्यौहार मनाया जाता है लेकिन जानकारी के अभाव में अगले ही दिन राखी को इधर-उधर फेंक दिया जाता है. अधिकतर लोगों को यह पता नहीं रहता है कि राखी को कब खोला जाता है, और खोलने के बाद उसे कहां रखा जाता है. तो आइए इन सारे सवालों का जवाब जानते हैं।


इस साल रक्षाबंधन शुक्रवार २८ अगस्त को मनाया जाएगा उसी दिन सावन पूर्णिमा भी है. वहीं हमारे सनातन धर्म में कोई भी त्यौहार बड़ी ही विधि विधान के साथ मनाया जाता है. वही रक्षाबंधन के त्यौहार के बाद लोग राखी को इधर-उधर फेंक देते हैं. इसका नकारात्मक प्रभाव भाई के जीवन पर पड़ सकता है. शास्त्रों में इसको अशुभ माना जाता है.



रक्षाबंधन के बाद भूल कर भी राखी को इधर-उधर नहीं फेंकना चाहिए. शास्त्रों में इसे अशुभ माना गया है. रक्षाबंधन के बाद राखी को कम से कम एक महीना तक यानी सावन पूर्णिमा से लेकर भादो पूर्णिमा तक रखना चाहिए. अगर आप १ महीने तक नहीं रख सकते हैं तो राखी को अच्छी तरह से खोलकर जल में प्रवाहित कर दें या पूजा स्थल में रख दें. वैसे तो इस राखी को विजयादशमी के दिन ही खोलना चाहिए. अगर बीच में राखी खंडित हो जाती है तो उसे किसी लाल कपड़े में बांधकर रख लें और पूर्णिमा के दिन जल में प्रवाहित कर दें. लेकिन अगर आप उस राखी को तोड़कर इधर-उधर फेंक देते हैं तो जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.।


राखी बांधने का शुभ मुहूर्त -


वर्ष २०२६ में रक्षाबंधन पर राखी बांधने का सबसे श्रेष्ठ और शुभ मुहूर्त २८ अगस्त २०२६ को सुबह ५:५७ बजे से सुबह ९:४८ बजे तक रहेगा। इस दिन पूर्णिमा तिथि सुबह ९:४८ बजे तक है और भद्रा का साया नहीं रहेगा।

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