हरियाली का संदेश लेकर कबीर आश्रम आमगांवघाट में हुआ वृक्षारोपण
खैरागढ़ । हरियाली और प्रकृति संरक्षण के लोकपर्व हरेली के पावन अवसर पर साल्हेवारा तहसील क्षेत्र के कबीर आश्रम, आमगांवघाट में पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागृति की भावना से प्रेरित वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में SKDV मिशन के ग्रामीण प्रतिनिधि सहित कबीर पंथी समाज के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
हरेली पर्व केवल कृषि और ग्रामीण जीवन की समृद्ध परंपरा का प्रतीक ही नहीं, बल्कि धरती, जल, जंगल और पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का स्मरण कराने वाला पर्व भी है। इसी भावना को सार्थक करते हुए कबीर आश्रम परिसर में विभिन्न पौधों का रोपण कर उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनों ने कहा कि आज के दौर में तेजी से घटते वन क्षेत्र, बढ़ता तापमान, जलस्रोतों का संकट और पर्यावरण असंतुलन मानव समाज के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। ऐसे समय में एक पौधा लगाना केवल हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन और शुद्ध हवा की नींव रखना है। वृक्ष हमें फल, छाया और प्राणवायु देने के साथ पक्षियों एवं जीव-जंतुओं को आश्रय भी प्रदान करते हैं।
कबीर आश्रम आमगांवघाट जैसे आध्यात्मिक एवं सामाजिक स्थलों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचना विशेष महत्व रखता है। संत कबीर की प्रकृति, सादगी और मानवता से जुड़ी विचारधारा को आत्मसात करते हुए प्रकृति की सेवा को भी समाज सेवा का ही एक रूप माना गया।
वृक्षारोपण कार्यक्रम में राम जी ठाकरे, संतु धरमगढ़े, सुरेश झारिया, राजू दास साहेब (महंत), आशंति बाई, लीला बाई पटेल, बालकुमारी, गंगा राम पटेल, उधो पटेल, प्रभु राम, जग्गू राम ठाकरे सहित बड़ी संख्या में कबीर पंथी जन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने हरेली पर्व की परंपरा को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए यह संदेश दिया कि त्योहार केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज और प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों को निभाने का संकल्प लेने का भी अवसर हैं। कबीर आश्रम आमगांवघाट में रोपे गए ये पौधे आने वाले समय में हरियाली, शीतलता और जीवन का संदेश देते हुए इस आयोजन की स्मृति को जीवंत रखेंगे।



















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