महतारी वंदन की किस्त पर जितनी पैरवी करते हैं, कभी महंगी बिजली और स्मार्ट मीटर पर भी चर्चा करें—मोक्ष कुमार प्रधान
महासमुंद/बसना। बसना विधानसभा के सक्रिय कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना की किस्त जारी होते ही भाजपा के कार्यकर्ता ऐसी खुशहाली का प्रचार करते हैं, मानो छत्तीसगढ़ की हर महतारी पूरी तरह खुशहाल हो गई हो। लेकिन सवाल यह है कि क्या भाजपा के कार्यकर्ता कभी आम जनता के घर जाकर यह भी पूछते हैं कि महंगी बिजली और स्मार्ट मीटर से उन्हें कितनी परेशानी हो रही है?
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि महतारी वंदन की राशि महिलाओं के खाते में पहुंचना अच्छी बात है, लेकिन सरकार की जिम्मेदारी केवल एक योजना की राशि देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। आम जनता की रोजमर्रा की परेशानियों, महंगी बिजली, बढ़ते बिजली बिल और स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज गांव की गरीब और मध्यमवर्गीय महतारी अपने परिवार और खेत-खलिहान की जिम्मेदारियां संभाल रही है। कई बार परिवार के लोग खेत में काम करने चले जाते हैं, घर में ताला लगा रहता है, बिजली का उपयोग तक नहीं हो रहा होता, लेकिन स्मार्ट मीटर की रीडिंग और बिजली बिल को लेकर उपभोक्ताओं के मन में लगातार चिंता बनी हुई है।
जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को यदि वास्तव में छत्तीसगढ़ की महतारियों की चिंता है, तो केवल महतारी वंदन की किस्त का प्रचार करने के बजाय गांव-गांव जाकर बिजली के बिल की वास्तविक स्थिति भी पूछनी चाहिए। कितने परिवार बढ़े हुए बिजली बिल से परेशान हैं, कितने उपभोक्ता स्मार्ट मीटर को लेकर शिकायत कर रहे हैं और कितने गरीब परिवार बिजली का खर्च उठाने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं—इसकी भी चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “महतारी वंदन की किस्त पर तालियां बजाने वालों को कभी बिजली के बिल पर भी जनता के बीच खड़े होकर जवाब देना चाहिए। गरीब के घर में जब बिजली का बिल पहुंचता है, तब उसकी परेशानी भी दिखाई देनी चाहिए। राजनीति केवल उपलब्धियों का प्रचार करने से नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के साथ खड़े होने से होती है।”
मोक्ष कुमार प्रधान ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी आम जनता की आवाज को लगातार उठाती रहेगी। स्मार्ट मीटर, महंगी बिजली और बढ़ते बिजली बिल के मुद्दे पर गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी और जनता के अधिकार की लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी।
उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को चुनौती देते हुए कहा कि “अगर आपको सच में छत्तीसगढ़ की महतारी की खुशहाली की इतनी चिंता है, तो कभी गांव की चौपाल में बैठकर बिजली बिल की चर्चा भी करिए। तब आपको पता चलेगा कि कागजों और प्रचार में दिखाई देने वाली खुशहाली और जमीन पर आम जनता की वास्तविक परेशानी में कितना अंतर है।”
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि राहत और जवाबदेही चाहती है। महतारी के खाते में राशि के साथ-साथ उसके घर का बिजली बिल भी उसकी चिंता का विषय है, इसलिए सरकार को दोनों मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए।


















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