भगवान दूधेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया भक्तों ने भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया।
सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी। श्रावण मास के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से लगभग 10 किलोमीटर पूर्व दिशा में (दलदली) क्षेत्र में एक प्राचीन शिव मंदिर स्थित है,
जो यहाँ की प्रसिद्ध गऊ धारा (गौधारा) और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।
इस मंदिर के प्रति लोगों की विशेष आस्था है, मान्यता है कि दर्शन मात्र से भगवान भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है।
यह स्थान चारों ओर से घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरा हुआ है।
यहाँ का शांत और हरा-भरा वातावरण पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है।
यह पिकनिक और पारिवारिक भ्रमण के लिए भी एक लोकप्रिय स्थल है।
गऊ धारा (Gaudhara): मंदिर परिसर में एक प्राकृतिक 'गऊ धारा' है, जहाँ गोमुख जैसी संरचना से लगातार जल प्रवाहित होता रहता है।
इस जल धारा से बहने वाले पानी से एक बड़ा कुंड बना हुआ है, जिसमें भक्त स्नान करते हैं और मछलियों को आटा और मुर्रा खिलाते हैं।
श्रावण मास और अन्य पर्वों के दौरान यहाँ विशेष मेलों और अनुष्ठानों का आयोजन होता है, जिसमें प्रदेश से भारी संख्या में शिव भक्त दर्शन के लिए पहुँचते है।






















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