पर्यटन में बढ़ रही भारत की धाक, ग्लोबल ट्रैवल और टूरिज्म इंडेक्स में लगाई लंबी छलांग, 31वें स्थान पर पहुंचा
सी एन आइ न्यूज पुरुषोत्तम जोशी।
भारत ने विश्व आर्थिक मंच के यात्रा एवं पर्यटन विकास सूचकांक 2026 में बड़ी छलांग लगाई है। भारत नौ पायदान ऊपर चढ़कर 31वें स्थान पर पहुंच गया है।
भारत — एक विशाल पर्यटन गंतव्य का प्रमुख केन्द्र।
“अनेक देशों जैसा अनुभव, एक भारत”
दुबई जैसा: कच्छ, राजस्थान, मुंबई, दिल्ली,
रेगिस्तान, विलासिता, आधुनिक वास्तुकला और जीवंत महानगर
-विविध देशों की परंपराओं को समेटे हुए छत्तीसगढ़- चित्रकूट जलप्रपात छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा झरना, तीरथगढ़ जलप्रपात खूबसूरत ऊंचा झरना, मैनपुर छत्तीसगढ़ का शिमला तिब्बती संस्कृति की अद्भुत झलक,कांगेर घाटी उद्यान घने जंगल ,झरने और कुटुंबसर गुफा सहित अनेक धार्मिक स्थल पर्यटकों के लिए विख्यात हैं।
स्विट्ज़रलैंड जैसा: कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम
बर्फ से ढके पहाड़, घाटियाँ, झीलें और मनमोहक प्राकृतिक दृश्य
न्यूज़ीलैंड जैसा: मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश
हरे-भरे पहाड़, झरने, जंगल और शानदार प्राकृतिक सौंदर्य
थाईलैंड जैसा: गोवा, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप
समुद्र तट, द्वीप, जल क्रीड़ाएँ और उष्णकटिबंधीय सुंदरता
मिस्र जैसा: राजस्थान, गुजरात
रेगिस्तान, किले, प्राचीन विरासत और ऐतिहासिक वास्तुकला
जापान जैसा: सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, पूर्वोत्तर भारत
पहाड़, मठ, शांत शहर और अनूठी संस्कृति
नॉर्वे जैसा: कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश
विशाल पर्वत, झीलें, घाटियाँ और अद्भुत प्राकृतिक दृश्य
इटली जैसा: राजस्थान, गोवा, केरल
विरासत, वास्तुकला, खान-पान, संस्कृति और सुंदर समुद्र तट
ऑस्ट्रेलिया जैसा: गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र
विशाल भू-दृश्य, वन्यजीव, रेगिस्तान, समुद्र तट और आधुनिक शहर
दक्षिण अफ्रीका जैसा: गुजरात, मध्य प्रदेश, कर्नाटक,
वन्यजीव, राष्ट्रीय उद्यान, जंगल और विविध प्राकृतिक दृश्य
ग्रीस जैसा: गोवा, केरल, अंडमान द्वीप, नीला समुद्र, समुद्र तट, द्वीप और तटीय सुंदरता
इंडोनेशिया जैसा: केरल, गोवा, अंडमान और पूर्वोत्तर भारत हरियाली, समुद्र तट, झरने और समृद्ध संस्कृति
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी — गुजरात
विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा, जिसकी ऊँचाई 182 मीटर है।
चेनाब रेल ब्रिज — जम्मू-कश्मीर
विश्व का सबसे ऊँचा रेलवे पुल, नदी तल से 359 मीटर ऊपर
उत्तर प्रदेश — आध्यात्मिक पर्यटन
अयोध्या, वाराणसी, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज
उत्तराखंड — हिमालयी एवं आध्यात्मिक पर्यटन
केदारनाथ, बद्रीनाथ, हरिद्वार, ऋषिकेश और चारधाम
तमिलनाडु — मंदिर एवं आध्यात्मिक पर्यटन
रामेश्वरम, मदुरै, तंजावुर और भव्य द्रविड़ मंदिर
आंध्र प्रदेश — धार्मिक एवं विरासत पर्यटन
तिरुपति, श्रीशैलम और सिम्हाचलम
ओडिशा — जगन्नाथ एवं मंदिर विरासत
पुरी जगन्नाथ मंदिर, कोणार्क सूर्य मंदिर और भुवनेश्वर
असम — शक्ति एवं आध्यात्मिक पर्यटन
कामाख्या देवी मंदिर, गुवाहाटी और पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत
पश्चिम बंगाल — आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन
दक्षिणेश्वर काली मंदिर, कालीघाट, बेलूर मठ और स्वामी विवेकानंद से जुड़ी आध्यात्मिक विरासत
— हिमालय से हिंद महासागर तक, रेगिस्तान से वर्षावनों तक, विश्व-प्रसिद्ध स्थलों से प्राचीन मंदिरों तक, समुद्र तटों से आध्यात्मिक धामों तक — भारत एक ही देश में असाधारण विविधता वाले पर्यटन अनुभव प्रदान करता है।
भारत की पर्यटन रैंकिंग में बड़ी छलांग — 2026
भारत 9 पायदान ऊपर चढ़कर 31वें स्थान पर पहुंच गया है।
यह रैंकिंग World Economic Forum (WEF) Travel & Tourism Development Index 2026 की है।
वर्ष 2024 में भारत 39वें स्थान पर था।
पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर, सांस्कृतिक संसाधनों और बिजनेस ट्रैवल सुविधाओं में सुधार को भारत की प्रगति से जोड़ा गया है।
भारत की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध पर्यटन स्थलों को भी महत्वपूर्ण ताकत माना गया है।
जापान पहले स्थान पर रहा, जबकि अमेरिका, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस शीर्ष देशों में शामिल रहे।
WEF के अनुसार, 2024 से 2026 के बीच 110 में से 101 अर्थव्यवस्थाओं के पर्यटन विकास स्कोर में सुधार हुआ।
भारत की पर्यटन क्षमता लगातार बढ़ रही है। 2026 में 9 पायदान की छलांग के साथ 31वें स्थान पर पहुंचना, भारत की बढ़ती पर्यटन क्षमता, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और समृद्ध सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत को दर्शाता है।



















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