बछ बारस गौपूजन दिवस आज -माताएं बच्चों के दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखती है व्रत।
सी एन आइ न्यूज पुरुषोत्तम जोशी।
सनातन धर्म में गौमाता (गाय) को जगत की माता और साक्षात 33 कोटि देवी-देवताओं का निवास स्थान माना गया है। गौ पूजन से सभी देवी-देवताओं की पूजा का पुण्य और रोग्य, सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
गौ पूजनकी सरल विधि
स्नान और शुद्धि: सुबह जल्दी उठकर माता बहनें स्नान करती हैं। इसके बाद गौ माता को भी प्रेम से जल स्नान कराकर।
तिलक और श्रृंगार करती हैं : गौ माता के माथे पर रोली, चंदन और अक्षत (चावल) का तिलक लगाकर।
वस्त्र व माला गौ माता को कलावा या चुनरी रूप में वस्त्र ओढ़ाती है और फूलों की माला पहनाकर,
गाय को हरा चारा, गुड़, और आटे की लोई (गोग्रास) श्रद्धा के साथ खिलाती हैं।
घी का दीपक जलाकर गौ माता की आरती करती है। अंत में उनकी परिक्रमा कर आशीर्वाद लेकर बच्चों के दीर्घायु एवं सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।


















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