Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Saturday, September 12, 2026

भुवनेश्वर का प्राचीन लिंगराज मंदिर -यहां भगवान शिव और विष्णु जी की पूजा संयुक्त रूप से की जाती है।

 भुवनेश्वर का प्राचीन लिंगराज मंदिर -यहां  भगवान शिव और विष्णु जी की पूजा संयुक्त रूप से की जाती है।      



       सी एन आइ न्यूज पुरुषोत्तम जोशी।   भुवनेश्वर- ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में स्थित लिंगराज मंदिर (जिसे अक्सर लिंगेश्वर मंदिर भी कहा जाता है) यहाँ का सबसे प्राचीन और विशाल मंदिर है। 


यह भव्य प्राचीन मंदिर में भगवान शिव और भगवान विष्णु (हरिहर) की पूजा संयुक्त रूप से की जाती है।  

   इस मंदिर का निर्माण 11वीं शताब्दी में सोमवंशी राजा ययाति प्रथम ने करवाया था। 



 यह कलिंग वास्तुकला (Kalinga Architecture) का एक बेहतरीन बेजोड़ और अद्भुत उदाहरण है, जो लाल बलुआ पत्थर से बना है। 


 यहाँ का स्वयंभू शिवलिंग जमीन से करीब 8 इंच ऊपर और 8 फीट व्यास का है। 



मुख्य मंदिर के आसपास लगभग 64 से 150 छोटे-छोटे मंदिर स्थित हैं, जो पूरे प्रांगण को और भी भव्य बनाते हैं। 

 महाशिवरात्रि और अशोकष्टमी यहाँ के सबसे बड़े और प्रसिद्ध त्योहार के रूप में मनाया जाता हैं, जिनमें देश भर से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। 



 इस लिंगराज मंदिर परिसर में केवल हिंदू धर्म के अनुयायियों को ही अंदर जाने की अनुमति है। अन्य पर्यटकों के लिए बाहर एक विशेष मंच बनाया गया है जहाँ से वे मंदिर के दर्शन और नज़ारे देख सकते है।मंदिर सुबह 6:30 बजे से श्रृद्धालुओं के लिए दर्शन के लिए खुला रहता है।

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad