सी एन आई न्यूज रिपोर्टर रमेश श्रीवास्तव पिथौरा 9977708864
महासमुंद में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार, प्रशासन मौन - जनता की जान से खिलवाड़
महासमुंद / पिथौरा - जिले में इन दिनों झोलाछाप डॉक्टरों की बाढ़ आ गई है। ग्रामीण अंचलों में हर गली-मोहल्ले में बिना डिग्री के लोग अपना क्लीनिक खोलकर धड़ल्ले से इलाज कर रहे हैं। इनके पास न कोई मेडिकल डिग्री है, न ही ड्रग लाइसेंस, फिर भी एंटीबायोटिक, स्टेरॉयड, नशे की गोलियां और गर्भपात की दवाएं तक बांटी जा रही हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिथौरा किशनपुर भुरकोनी बुंदेली सांकरा बागबाहरा विकासखंड के में सहित कई गांवों में फर्जी डॉक्टर घूम घूम का इलाज कर रहे हैं।इलाज के नाम पर ठगी भी कर रहे हैं। पहले भी जिले में कई ग्रामीण ऐसे ही एक झोलाछाप के झांसे में आकर लाखों रुपये गंवा चुके हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई फर्जी क्लीनिक सरकारी अस्पताल के बगल में ही संचालित हो रहे हैं, जहां चीर-फाड़ और टांका लगाने जैसे काम भी खुलेआम किए जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सस्ता इलाज मिलने के कारण मजबूरी में उन्हें इनके पास जाना पड़ता है, लेकिन गलत इलाज से कई बार मरीजों की जान पर बन आती है। प्रदेश में पहले भी झोलाछाप डॉक्टरों के गलत इलाज से बच्चों की मौत तक हो चुकी है, जिसके बाद क्लीनिक सील करने की कार्रवाई हुई थी।
स्वास्थ्य विभाग के नियम के अनुसार एलोपैथी से इलाज सिर्फ MBBS या उससे उच्च डिग्रीधारी डॉक्टर ही कर सकता है, बिना डिग्री इलाज करना कानूनन अपराध है जिसमें 3 साल की जेल और 50 हजार तक जुर्माना हो सकता है।
लेकिन महासमुंद में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से कोई ठोस जांच अभियान नहीं चलाया जा रहा है। लोगों ने कलेक्टर और CMHO से मांग की है कि गांव-गांव में सर्वे कर सभी अवैध क्लीनिकों को सील किया जाए और जनता की जान से खिलवाड़ करने वालों पर FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।


















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