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Thursday, September 3, 2026

स्कूल में शिक्षक सोते मिले, बच्चे खेलते रहे शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

 स्कूल में शिक्षक सोते मिले, बच्चे खेलते रहे शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल



राजनांदगांव छत्तीसगढ़ । शासकीय प्राथमिक शाला जीटूटोला, संकुल दाऊटोला, विकासखंड अंबागढ़ चौकी, जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। 




स्कूल में पदस्थ शिक्षक नमेश्वर साहू के स्कूल समय में गहरी नींद में सोने का वीडियो सामने आया है। बताया गया कि मौके पर पहुंचे पत्रकारों ने शिक्षक को काफी देर तक आवाज लगाई, जिसके बाद शिक्षक की नींद खुली। इस दौरान स्कूल के बच्चे अपनी मस्ती में खेलते नजर आए।



जब शिक्षक नमेश्वर साहू से स्कूल में सोने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि वे रायपुर गए थे और वहां से लौटने के बाद थकान होने के कारण नींद लग गई। इतना ही नहीं, शिक्षक द्वारा कथित तौर पर यह भी कहा गया कि स्कूल में सोने से क्या हर्ज है, थोड़ा सो गया तो क्या हुआ।”


अकेले शिक्षक के भरोसे स्कूल, जिम्मेदारी पर सवाल


बताया गया कि प्राथमिक शाला झीटूटोला में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी फिलहाल अकेले शिक्षक के भरोसे है। वहीं प्रधान पाठक साहू अपने बैंक संबंधी कार्य से मोहला गए हुए थे। मामले की जानकारी प्रधान पाठक को भी दी गई। आरोप है कि प्रधान पाठक ने भी शिक्षक के बचाव में “थोड़ा सो गए तो क्या हुआ” जैसी बात कही।


मामले को और गंभीर तब माना जा रहा है जब शिक्षक के संबंध में प्रधान पाठक द्वारा उनके सक्रिय शिक्षक होने तथा सामाजिक संगठन से जुड़े होने और राजनीतिक पहुंच होने की बात कही गई। यदि किसी शिक्षक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने पर उसकी पहुंच और प्रभाव का हवाला देकर मामले को हल्का करने का प्रयास किया जाता है, तो यह शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।


शिक्षा विभाग की निगरानी पर भी सवाल


इस पूरे मामले की जानकारी 1 सितंबर 2026 को मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौक के डीईओ साहू सर को जानकारी दी गई कि हमने शिक्षक की सोते हुवे वीडियो बनाया है  डीईओ साहू सर ने कहा जो वीडियो बनाये हो मुझको भेज दो वीडियो भेजा गया पर आज  मामले की जानकारी के लिए डीईओ को हमारे द्वारा फोन किया गया तो डीईओ के काल रिसीव नहीं क्या गया और समय बीत जाने के बाद भी कोई जानकी नहीं दिया गया 

ऐसे में शिक्षा विभाग की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे है अब देखना यह है कि स्कूल में सोते हुवे शिक्षक के ऊपर क्या कार्यवाही होती है या नहीं सवाल बच्चों के भविष्य की है

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