निलंबित CMO यशवंत देवांगन को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत
संचालक नगरीय प्रशासन के निलंबन आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक, 16 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
बिलाईगढ़। नगर पंचायत बिलाईगढ़ के प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी यशवंत देवांगन को निलंबित किए जाने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर ने उन्हें अंतरिम राहत दी है। न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की एकल पीठ ने 25 सितंबर 2026 को नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय के संचालक द्वारा जारी निलंबन आदेश के प्रभाव एवं संचालन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।
संचालनालय द्वारा जारी आदेश में देवांगन को वूमेन फॉर ट्री के भुगतान को लंबित रखने, परिषद के निर्धारित एजेंडा क्रमांक 21 में कूटरचना कर मूल विषय के स्थान पर अन्य विषय प्रस्तुत करने तथा स्वच्छता दीदियों के साथ अमर्यादित एवं अशोभनीय व्यवहार के लिए प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय क्षेत्रीय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, बिलासपुर कार्यालय निर्धारित किया गया था। इसके खिलाफ यशवंत देवांगन ने हाईकोर्ट में WPS No. 7221/2026 दायर की।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संदीप दुबे एवं दामिनी देवांगन ने पक्ष रखा। उनकी ओर से मुख्य तर्क यह रखा गया कि देवांगन का मूल पद लेखापाल है और उनकी सेवाएं छत्तीसगढ़ नगरपालिका कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 1968 के अधीन हैं। नियम 51 के अनुसार नगरपालिका परिषद को सक्षम अनुशासनिक प्राधिकारी बताया गया है, जबकि संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास को उक्त नियम के तहत निलंबन का अधिकार प्राप्त नहीं है। हाईकोर्ट ने प्रारंभिक स्तर पर नियम 51 एवं 53 तथा निलंबन आदेश जारी करने वाले प्राधिकारी के संबंध में प्रस्तुत दलीलों पर विचार करते हुए 25 सितंबर के निलंबन आदेश के प्रभाव एवं संचालन को अगली सुनवाई तक स्थगित कर दिया है। राज्य की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा गया है। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है। हाईकोर्ट के इस अंतरिम आदेश से अब निलंबन आदेश की वैधानिकता पर आगामी सुनवाई में आगे विचार होगा।





















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