Javed, CNI NEWS, मोहला- अवैध शराब को लेकर राजनांदगांव जिले में जारी पुलिस की कार्रवाई के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसमें जिले की खडग़ांव पुलिस एक बार फिर सवालों के कटघरे में आ गई है। ज्ञात हो कि दो महीना पहले खडग़ांव पुलिस एक नाबालिग छात्रा के अपहरण, बलात्कार केे मामले को दबाने और आरोपी शिक्षक को संरक्षण देने के मामले में सुर्खियों में आई थी। अब वहां की पुलिस एक ऐसे मामले में संदेह के घेरे में आ गई है जिसमें कच्ची शराब के मामले में पकड़े गए चवेला निवासी 23 वर्षीय हल्बा युवक शिवेद्र घोआर्य पिता स्व. परतु राम की मौत हो गई। मौत हालाकि जिला अस्पताल में हुई है पर युवक मौत क्या पुलिस कार्रवाई के सदमे से हुई है... या फिर पुलिस की पिटाई से... या फिर कोई अन्य कारण.... यह गंभीर जांच का विषय है?
जानकारी के अनुसार चवेला निवासी शिवेद्र घोआर्य को खडगांव पुलिस ने 18 अप्रैल की शाम दस बोतल कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार किया था। युवक के साथ 18 अप्रैल की रात में पुलिस ने क्या बर्ताव किया ये तो वे ही बता पाएंगे पर 19 अप्रैल को सुबह उसके सिर में चोटें आने से आईटीबीपी के किसी चिकित्सक के माध्यम से उसका प्रारंभिक ट्रीटमेंट कराया गया। बाद में उसे दोपहर को मोहला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर उपचार कराया गया। शाम को राजनांदगांव लाकर कोर्ट में पेश में किया गया जहां से जेल दाखिल कर दिया गया। जेल में युवक की हालत को देखकर जेल अधीक्षक ने उसे जिला अस्पताल दाखिल करवा दिया। 20 और 21 अप्रैल को युवक का जिला अस्पताल में उपचार चला और 22 अप्रैल की सुबह उसने दम तोड़ दिया ।
आधी रात अंतिम संस्कार
22 अप्रैल की सुबह शिवेद्र घोआर्य की मौत की खबर खडग़ांव पुलिस के माध्यम से परिजनों को दी गई। परिजनों की मौजूदगी में उसका पीएम कराया गया और आधी रात गांव ले जाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मामले में अहमं सवाल यह है कि आखिर पीएम कराने में पुलिस ने इतनी देरी क्यों की और रात में शव परिजनों को सुपुर्द कर रातों-रात उसका अंतिम संस्कार क्यों करवा दिया गया?
थाना प्रभारी ने कहा: बेंच से गिरने से आई थी चोंटे
जब इस मामले में खडगांव थाना प्रभारी सब इंस्पेेक्टर रितेश मिश्रा से संपर्क किया गया तो उन्होने कहा कि 19 अप्रैल की सुबह वह बेंच से अचानक गिर गया था जिससे उसके माथे चोंटे आई थी। ब् ल्डिंग होने से उसका मोहला अस्पताल में उपचार कराया गया था। श्री मिश्रा ने युवक की मौत के कारणों पर कहा कि वह शराब पीने का आदि था। सवाल यह उठता है कि क्या बेंच से गिरने मात्र से युवक इतने गंभीर रूप से घायल हो जाएगा? कुल मिलाकर पुलिस की कहानी चाहे जो भी पर युवक की मौत के पीछे कोई न कोई ठोस कारण जरूर है? परिजनों की मानें तो युवक के सिर में गंभीर चोंटे थी? अब सवाल यह है कि गंभीर चोंटे बेंच से गिरने की थी या फिर किसी प्रकार के वार की.... यह गंभीर जांच का विषय है? इधर मोहला अस्पताल में युवक का उपचार करने वाले डाक्टर देवेश ठाकुर द्वारा घटना के बारे में किसी प्रकार की जानकारी देने से इंकार करना इस बात को प्रमाणित करता है कि युवक गंभीर रूप से घायल रहा होगा? पुलिस ने अपनी करतूतें छिपाने डाक्टर से भी सांठगांठ किया होगा?


















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