विधानसभा में विद्यार्थी परिषद के द्वारा जो ज्ञापन देने का अभियान चलाया जा रहा हैं, उनसे मैं यह पूछना चाहता हु जब रमन सिंह 15 साल मुख्यमंत्री थे तब विधानसभा में आउटसोर्सिंग करने का नियम बनाये और उस समय के शिक्षामंत्री केदार कश्यप जी ने कहा था कि छत्तीसगढ़ में उपयुक्त लोग नही हैं इसलिए बाहर प्रदेश से आउटसोर्सिंग करनी पड़ रही है और उसी वक़्त बी एड संघ के 1 लाख लोग शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे थे लेकिन 15 साल इन लोगो ने भर्ती नही निकली और अब जब कांग्रेस सरकार ने सरकार आते ही साथ शिक्षक भर्ती निकली विज्ञापन निकाली परीक्षा ले ली परिणाम भी घोषित कर चुकी अब सिर्फ भर्ती बाकी है जो कि कोरोना की वजह से रुकी है क्योंकि स्कूल भी बंद हैं,
तो नैतिकता के नाते भाजपा या उनसे जुड़े संगठन ये बताएं कि भाजपा सरकार में इनके मुह क्यों नही खुले और अब जब सब कुछ सम्पन्न हो गया है तो नाखून कटा कर शहीदों में गिनती कराने वाले मुहावरे को चरितार्थ कर रहे हैं।साथ मे रही बात जनभागीदारी फीस कम करने की तो 15 साल से भाजपा के रमन शासन काल में जन भागीदारी अध्यक्ष ने 15 साल से छात्रों से यह फीस वसूली की उस समय भाजपा समर्पित विद्यार्थी परिसद के लोग अपने नेताओं और विधायक से यह फीस कम क्यो नही कराई।
कांग्रेस सरकार शिक्षक, छात्र मजदूर,किसान,आदिवासी भाइयो बहनों के हित में कार्य कर रही है।
जो 15 साल में नही हुवा वह 3 साल में कांग्रेस सरकार ने कर दिखाया।
*आकिब मेमन*
*जिला महासचिव*
*एन एस यु आई*
*बलौदाबाजार-भाटापारा*
*भाटापारा से CNI NEWS के लिए मोहम्मद अज़हर हन्फ़ी की रिपोर्ट*


















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