छोटू यादव / रायपुर राजधानी खाद्य विभाग की सुस्ती के कारण गरीबों के चावल में महा घोटाला
जुलाई महीने में माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुए राज्य के सभी अंत्योदय ,प्राथमिकता, नि:शक्तजन ,एकल ,निराश्रित,
अन्नपूर्णा, श्रेणी, राशनकार्ड धारियों को अतिरिक्त चावल के साथ प्रत्येक कार्ड 1 किलो चना देने का निर्णय लिया था। इस खबर को प्रत्येक राष्ट्रीय अखबारों ने मुख्य रूप से स्थान दिया था पर मुख्यमंत्री के निर्णय को ताक में रखकर राशन दुकानों में महा घोटाला चल रहा है। राशन दुकानदार गरीबों के राशन को काट कर दे रहे हैं जबकि मुख्यमंत्री ने प्रत्येक सदस्य 5 किलो अतरिक्त चावल के साथ 35 किलो मासिक आबंटन देने की घोषणा की थी पर राशन दुकानदार प्रति व्यक्ति माह में प्रति सदस्य 10 किलो राशन दे रहा है जबकि 5सदस्य वाले कार्डधारियों को 35 किलो चांवल मासिक आबंटन के साथ अतरिक्त प्रति सदस्य 5 किलो के हिसाब से 60 किलो चांवल मिलना चाहिए पर उसे 50 किलो दिया जा रहा है
और जो बिचारे पढ़े लिखे नहीं हैं जिनको जानकारी में नहीं है कि अतिरिक्त चांवल भी मिलना है उनको सिर्फ महीने का ही राशन जो 35 किलो मिलता है वही दिया जा रहा है जब कार्डधारी बहस करते हैं तो 5किलो अतरिक्त चांवल दे दिया जाता है
जब हमने राशन दुकान के संचालक से पूछा तो हमें प्रति व्यक्ति 10 किलो हर महीने चांवल देने का आदेश बताया ।
जबकि खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा बताया गया था कि नि:सक्त , एकल निराश्रित और अन्नपूर्णा श्रेणी के राशन कार्ड धारियों को जुलाई से नवंबर तक 35 किलो मासिक आबंटन के साथ प्रतिमाह प्रति सदस्य 5 किलो अतिरिक्त निशुल्क चावल दिया जाएगा तथा प्राथमिकता राशन कार्ड धारियों को 5 से अधिक सदस्य वाले राशन कार्ड में नवंबर तक 3 किलो प्रति सदस्य अतरिक्त चावल दिया जाएगा ।पर राशन दुकानों में पांच सदस्य वाले परिवारों को 50 किलो चावल दिया जा रहा है जबकि उन्हें 60 किलो मिलना चाहिए उसके 10 किलो चावल को काटा जा रहा है
2सदस्य वाले कार्डधारियों 20किलो मासिक मिलता है उसे अतरिक्त 10 किलो मिलना चाहिए पर उसे केवल 20किलो चांवल ही मिल रहा है जिसको जानकारी में नहीं है उनको मासिक का आबटन के 35 किलो चावल के साथ 5 किलो अतिरिक्त एक कार्ड के पीछे दे दिया जाता है इतना बड़ा गरीबों के राशन में सेंधमारी हो रही है पर किसी भी जनप्रतिनिधियों को इनकी खबर नही है और ना ही खाद्य विभाग को इसकि खबर है सीधे तरीके से कहा जाए तो माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्णय को नजर अंदाज कर यह कृत्य महिनों से किया जा रहा है उनके निर्देश कि अवहेलना की जा रही है खाद्य विभाग को प्रत्येक राशन दुकानों में मॉनिटरिंग कर राशन कार्ड धारियों से पूछताछ करनी चाहिए प्रत्येक राशन दुकानों की मॉनिटरिंग कर कार्रवाई की जानी चाहिए नहीं तो जैसा चल रहा है वैसा चलता रहेगा और गरीबों के राशन पर घोटाला होता रहेगा।
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