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Wednesday, February 3, 2021

आयशा अजीज सबसे कम उम्र की महिला पायलट

 



अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 


नई दिल्ली -- आजकल महिलायें भी पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर  हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। इसी कड़ी में जम्मू-कश्मीर की मूल निवासी आयशा अजीज (25 वर्षीया) देश की सबसे कम उम्र की महिला पायलट बनी हैं , जिसके बाद वह कश्मीर के साथ-साथ देश की लड़कियों के लिये प्रेरणा की स्त्रोत के साथ साथ कश्मीरी महिलाओं के लिये सशक्तिकरण की प्रतीक भी बन चुकी है। आयशा अजीज ने साल 2011 में महज 15 साल की उम्र में ही लाइसेंस पाने के बाद सबसे कम उम्र की स्‍टूडेंट पायलट बन गयी और उसके अगले साल रूस के सोकोल एयरबेस में मिग-29 जेट उड़ाने के लिये प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने बॉम्बे फ्लाइंग क्लब से विमानन में स्नातक किया और 2017 में एक कमर्शियल पायलट लाइसेंस प्राप्त किया। आयशा को सिंगल इंजन का सेसना 152 और 172 एयरक्राफ्ट उड़ाने का अनुभव है। उन्हें 200 घंटे की उड़ान पूरा होने के बाद कॉमर्शियल पायलट का लाइसेंस दिया गया है। अजीज का कहना है कि कम उम्र से ही सफर के शौक के चलते उन्होंने यह फील्ड चुनी है। आयशा ऐसा करने वाली तीन भारतीयों में से एक हैं। आयशा को सिंगल इंजन का सेसना 152 और 172 एयरक्राफ्ट उड़ाने का अनुभव है। उन्हें 200 घंटे की उड़ान पूरा होने के बाद कॉमर्शियल पायलट का लाइसेंस दिया गया है। आयशा भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्‍स को अपना आदर्श मानती हैं। आयशा की मां जम्मू कश्मीर के बारामुला जिले की रहने वाली हैं। उनके पिता महाराष्ट्र के मुंबई से हैं। आयशा के भाई का कहना है कि उनकी बहन ने कश्मीरी लड़कियों के लिये एक मिसाल कायम की है।आयशा ने बताया कि इस पेशे में किसी की मानसिक स्थिति बहुत मजबूत होनी चाहिये क्योंकि आप 200 यात्रियों को ले जायेंगे और यह एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने अपने माता-पिता के प्रति भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनका समर्थन किया और उन्हें अपने सपनों को हासिल करने में सक्षम बनाया। उन्होंने कहा कि मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि मेरे माता-पिता हैं, जिन्होंने मुझे हर चीज में सहयोग दिया है। उनके बिना मैं नहीं कर पाती जहां मैं आज खड़ी हूं। मैं लगातार पेशेवर और व्यक्तिगत स्तर पर विकास की तलाश में हूं। मेरे पिता मेरे राल मॉडल हैं।

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