पंंकज शर्मा, रायपुर : कभी आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के युवा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष रहे पर वर्तमान में किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव डॉ. सौरभ निर्वाणी ने दिल्ली में केन्द्र सरकार के द्वारा संसद में लाये गए राष्ट्रीय राजधानी संसोधन विधेयक(2021)का विरोध करते हुए कहा है कि केन्द्र की सरकार छत्तीसगढ़ी की पुरानी कहावत अनुसार रोनठइयाँ लेने पर उतारू है। जिसके अनुसार जब लड़ाई में जीत नियम से नही हासिल होती तो अपने ताकत के दम पर अपने आप को जीता हुआ घोषित करना,बने परम्परागत नियमों का पालन न करना को रोंनठइयाँ लेना कहते है, दिल्ली में लोकतांत्रिक माध्यम से चुनी हुई सरकार के मामले में केन्द्र रोंनठइयाँ पर उतारू हो गयी है। राष्ट्रीय राजधानी संसोधन विधेयक (2021) के अनुसार चुनी हुई सरकार हर एक मामलों में केन्द्र द्वारा नियुक्त प्रशासनिक अफसर जिसे उपराज्यपाल कहते हैं के मातहत रहेगी,सभी शक्ति उपराज्यपाल के अधीन रहेगी और विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री सिर्फ तामिरदार बन के रह जाएंगे। डॉ. निर्वाणी ने कहा कि यह फैसला उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के अधिकारों के संबंध में दिए गए उच्चतम न्यालय के आदेशों के विपरीत भी है। बिल में कहा गया है 'राज्य की विधानसभा द्वारा बनाये गए किसी भी कानून में सरकार का मतलब उपराज्यपाल होगा।' यह दिल्ली की जनता के साथ धोखा है। लोकतंत्र में चुनी हुई सरकार के साथ ऐसा बर्ताव तानाशाही का प्रतीक है, इस बिल से दिल्ली सरकार उपराज्यपाल के समीप सिर्फ याचिकाकर्ता की तरह होगी। राज्यों को एक के बाद एक फतह करने के नशे में चूर सरकार सभी लोकतांत्रिक मूल्यों के हरण पर उतारू हो गई है। इस बिल का भी किसान बिल।के तरह पूरे देश मे विरोध होना तय है...


















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