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Tuesday, March 16, 2021

नवाचार, एक दो नही एक दूसरे पर आश्रित कृषि व्यवस्था का अभिनव प्रयोग, मिश्रित खेती का सफल उदाहरण



एक साथ नौ फसल लगाकर युवा किसान कमा रहे कई गुना मुनाफा




देव यादव

 बेमेतरा जिले के नवागढ़ के युवा किसान किशोर राजपूत एक साथ नौ फसलें लेकर एक एकड़ में सत्तर हजार रुपए कमा रहे हैं। मिश्रित खेती से इनकी फसलों में न तो ज्यादा कीट पतंगों का प्रकोप रहता है और न ही ज्यादा खरपतवार होता है। किशोर राजपूत के द्वारा शुरू किये इस मॉडल को अन्य किसान भी अपना कर अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। 


*लोकसभा टीवी ने दिया मंच*


लोकसभा टीवी भी इनकी नवाचार की सराहना करते हुए युवा किसानों खेती को प्रोत्साहित करने 16 अगस्त 2018 को जन पक्ष *बदलते भारत के युवा किसान* नाम से एक कार्यक्रम प्रसारण किया था। जिसमे देश के 30 युवा किसानों ने खेती से आमदनी बढ़ाने के अपने द्वारा किया गए कार्य को बताया था।तब छत्तीसगढ़ राज्य से किशोर राजपूत का चयन हुआ था।


किशोर राजपूत ने बताया कि मिश्रित खेती से किसानों की लागत चार गुना कम होती है, जबकि मुनाफा आठ से दस गुना ज्यादा होता है। अगर हम एक साथ कई फसलें लेते हैं तो एक दूसरी फसल से एक दूसरे को पोषक तत्व मिल जाते हैं, जमीन में जब खाली जगह नहीं रहती तो खरपतवार भी नहीं निकलता किशोर राजपूत कई सालों से मिश्रित फसलों की खेती कर रहे हैं। उन्हें विभिन्न आयुर्वेद संस्थाओं के द्वारा  देश के सर्वश्रेष्ठ औषधीय कृषक का पुरस्कार भी दिया जा चुका है। इन दिनों वे मिश्रित खेती कर एक साथ अश्वगंधा,चना, गेंहू,सरसों,प्याज,लहसुन, धनिया,मेथी, मूली सहित 9 फसलें उगाए थे। धान की 56 किस्म के कृषि के लिए कृषि विभाग भी उनकी सराहना कर चुका है।


मिश्रित खेती के फायदे

—इससे फसलों में कीट पतंगों का प्रकोप नहीं रहता..

— न ही भूमि में खरपतवार होने की समस्या होती है..

—एक फसल में जितनी खाद डालते हैं, उतनी ही खाद से चार से फसल हो जाती हैं..

—पानी भी एक फसल जितना ही खर्च होता है..

—मिश्रित खेती से पानी की 70 फीसदी तक बचत होती है..

—आप खेत में खरपतवार और घास से खाद तैयार कर सकते हैं..

—जैविक की लागत रासायनिक खाद की तुलना में कम आती है..

—मिश्रित खेती से किसानों की लागत चार गुना कम होती है..

—जबकि मुनाफा आठ से दस गुना तक ज्यादा हो सकता है..

——मिश्रित फसल लगाने  से खेत चारों तरफ से फसलों से भरा रहता है..

—जैविक खाद के इस्तमेलाल से निराई गुड़ाई का खर्चा भी बच जाता है..

 

मिश्रित खेती से कुल 10हजार रुपये का व्यय और 70 की आमदनी हुई है।


सी एन आई न्यूज़ बेमेतरा छत्तीसगढ़ देव यादव की खबर मो 9098647395

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