अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
वाशिंगटन - दुनियां भर में फैली वैश्विक कोरोना महामारी संक्रमण कहर के बीच इस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित अमेरिका ने कोरोना के खिलाफ जंग में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। अमेरिका के खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) ने 12 से 15 साल की उम्र के बच्चों के लिये भी फाइजर- बायोएनटेक की कोरोना वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। यूएस रेगुलेटर्स द्वारा फाइजर की कोविड वैक्सीन को लगाने की मंजूरी देने के साथ ही यूएस में बच्चों को टीके की दो खुराक लगने की तैयारी शुरू हो गई है। अमेरिकी के फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा कि यह वैक्सीन कम उम्र के टीनएजर्स के लिये सुरक्षित है और यह कोविड से बचाने में मददगार है।
अमेरिका के जो बिडेन प्रशासन ने यह कदम स्कूल जाने वाले बच्चों को कोविड के प्रकोप से बचाने के लिये उठाया है। इसका मकसद मिडिल और हाईस्कूल के स्टूडेंट्स को क्लासरूम में भेजने से पहले संक्रमण से पूरी तरह सुरक्षा प्रदान करना है। इस संबध में आधिकारिक घोषणा आज हो सकती है और कल गुरुवार से टीकाकरण शुरू किया जा सकता है। एफडीए के कार्यकारी आयुक्त डॉक्टर जेनेट वुडकॉक ने कहा कि कोविड वैक्सीन के इस्तेमाल को लेकर लिया गया यह निर्णय हमें सामान्य स्थिति में लौटने के करीब लायेगा। माता-पिता और अभिभावक इस बात के लिये आश्वस्त हो सकते हैं कि एजेंसी ने सभी उपलब्ध डेटा की गहन समीक्षा की है। अमेरिकी सरकार के इस फैसले से उन पेरेंट्स को राहत मिली है
जिनके बच्चे कुछ दिनों बाद शुरू होने वाले सत्र में स्कूल जाने की तैयारी कर रहे हैं। अभिभावक लंबे समय से बच्चों के लिये कोविड वैक्सीन का इंतजार कर रहे थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फाइजर की कोविड वैक्सीन को टीनएजर्स के लिये मंजूरी देने से पहले 12 से 15 साल के 2000 अमेरिकी बच्चों पर टेस्टिंग की गई। टेस्टिंग के दौरान बच्चों को कोविड वैक्सीन के दोनों डोज दिये गये। सबसे खास बात यह है कि दोनों डोज लेने वाले बच्चे कोरोना संक्रमति नहीं हुये है। इस दौरान वैक्सीन लेने वाले बच्चों के शरीर मे कोविड से लड़ने वाली जबरदस्त एंटीबॉडी विकसित हुई।
वैक्सीन लगवाने वाले बच्चों में भी कुछ साइड इफेक्ट्स जैसे हल्का बुखार , शरीर में दर्द जैसी शिकायत के लक्षण नजर आये। बताते चलें फाइजर ने मार्च महीने में आंकड़ों की जारी कर बताया था कि 12 से 15 साल के 2,260 वॉलंटिअर्स को ये वैक्सीन दी गई जिसके बाद किसी भी बच्चे में कोरोना का कोई मामला सामने नहीं आया. उन्होंने इस बात का दावा किया कि उनका वैक्सीन बच्चों पर पूरे 100 प्रतिशत असरदार है। आपको बता दें कि कनाडा पहला देश है जिसने 12 साल तक के बच्चों के लिये फाइजर की कोविड वैक्सीन को मंजूरी दी है।


















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