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Friday, June 18, 2021

*निजी अस्पतालों को अनिवार्य रूप से देना होगा बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन संबंधित जानकारी, वार्षिक रिपोर्ट भरे जाने की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित*

मोहम्मद अज़हर हन्फ़ी की रिपोर्ट

जिला बालौदाबाजार-भाटापारा (16 जून 2021):- जिले में जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबन्धन नियम 2016 को कड़ाई से लागू किया जा रहा है। इस संबंध में जिले के समस्त निजी अस्पतालों को प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी पर्यावरण संरक्षण मंडल की वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट सीजीओसीएमएमएस डॉट एनआईसी डॉट इन www.cgocmms.nic.in पर जाकर अपनी रिपोर्ट भरना होगा। जिसकी अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई है। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ खेमराज सोनवानी ने सभी निजी चिकित्सा संस्थानों को निर्देश जारी किया है की मेडिकल कचरे के लिए लागू नियमों का कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित करें अन्यथा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।गौरतलब है इस कानून का पालन न करने पर 5 साल की सजा या 1 लाख जुर्माना या दोनों हो सकता है। उन्होंने बताया की जिले में लगभग 450 किलोग्राम मेडिकल कचरा प्रतिदिन उत्पन्न होता है। इस प्रकार के कचरे के निपटारे के लिए अलग विधियाँ होती हैं तथा किसी प्रकार की लापरवाही से पर्यावरण सहित समुदाय में भी इसके गंभीर खतरा हो सकता है। उन्होंने आगें बताया की मेडिकल कचरे के निबटारे के बाबत नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं। किसी भी निजी चिकित्सा संस्था को कार्य प्रारंभ करने से पूर्व इस हेतु पर्यावरण संरक्षण विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इसके साथ ही 9 या इससे अधिक बिस्तरों वाले समस्त शासकीय और निजी स्वास्थ्य संस्थाओं को ईटीपी अर्थात इफ्यूइंट ट्रिटमेंट प्लांट लगाना अनिर्वाय है। नही लगाने पर पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही सभी जगह इस मेडिकल कचरे के लिए एक वेस्ट ट्रोली एवं अलग से डेडिकेटेड रूम होना भी अनिवार्य किया गया है। आगामी कुछ दिनों में पर्यावरण संरक्षण मंडल एवं जिले की एक संयुक्त निगरानी टीम निजी चिकित्सा संस्थाओ में दौरा कर स्थिती का जयाजा लेंगें। नियमों का पालन नही होने पर उचित कार्रवाई भी की जाएगी।







जिला बलौदाबाजार-भाटापारा से Central news India के लिए 
मोहम्मद अज़हर हन्फ़ी की Report
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