सूरजपुर -30 जून 2021, कलेक्टर डाॅ. गौरव कुमार सिंह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री राहुल देव के निर्देशन में श्री चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गर्दशन में संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग अटल नगर नवा रायपुर द्वारा प्राप्त निर्देशानुसार पोषण अभियान अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों, कार्यकर्ता, सहायिका के घरों एवं हितग्राहियों के घरों में पोषण वाटिका निर्माण कराया जाना है। जिस हेतु छ.ग. राज्य बीज निगम द्वारा कुल 1315 पोषण बीज के पैकेट डाक विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराये गये हैं।
जिले में पोषण अभियान के प्रारंभ से अभी तक आंगनबाड़ी केन्द्रों में 1027 पोषण वाटिका एवं हितग्राहियों के घरों में 5106 कुल 6133 पोषण वाटिकाओं का निर्माण कराया गया है। पोषण वाटिकाओं में फलों और सब्जियों के उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है क्योंकि फलों एवं सब्जियों में पाये जाने वाले जैविक रुप से सक्रिय पदार्थ हमारी दैनिक आहार के अनिवार्य तत्व का काम करते हैं। ऐसा इसलिये है क्योंकि इनमें प्राकृतिक रुप से विटामिन और खनिज तत्व होते हैं जो हमे स्वस्थ बने रहने में मदद् करते हैं, साथ ही हमें कुछ खास बीमारियों से भी बचाते हैं। फल और सब्जियां हमें अनिवार्य विटामिन और पूरक पौष्टिक तत्व जैसे विटामिन ए, सी और ई, जिंक, मैग्नेशियम, फोलिक एसिड और फास्फोरस देते हैं। इनमें फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, ये मोटापा को कम करने, कोलेस्टेरोल और रक्तचाप को कम करने में मदद् करते हैं।
इसी कड़ी में श्री चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग एवं परियोजना अधिकारियों के अंशदान से 1025 पोषण बीज के पैकेट निर्मित कर आंगनबाड़ी केन्द्रों में दर्ज कुपोषित बच्चों के घरों में पोषण वाटिका निर्मित करने हेतु उपलब्ध कराया गया है । पैकेट में मक्का, बरबट्टी, लौकी, बीन्स, भिंडी एवं डोड़का के बीज उपलब्ध कराये गये हैं एवं अधिक से अधिक पोषण वाटिका निर्माण करने के निर्देश दिये गये हैं। पोषण वाटिकाओं में विकसित सब्जियों, भाजियों एवं फलों को आंगनबाड़ी केन्द्र के हितग्राहियों द्वारा नियमित रुप से सेवन से पोषण स्तर में सुधार होगा। उक्त निर्देशानुसार जिला सूरजपुर के समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों, हितग्राहियों के घरों एवं बाड़ियों में पोषण वाटिका विकसित किया गया है। पोषण वाटिका में उत्पादित सब्जी एवं भाजी का उपयोग आॅंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों एवं उनके घरों में भी पौष्टिक भोजन हेतु किया गया। पोषण वाटिकाओं से हितग्राहियों के पोषण स्तर के साथ-साथ कई आमजन को रोजगार भी मिला एवं उनके आर्थिक स्तर में भी सुधार हो रहा है। बच्चों एवं महिलाओं में व्याप्त एनीमिया और कुपोषण में कमी लाने के उद्देश्य से वर्ष 2018 से राष्ट्रीय पोषण मिशन अंतर्गत पोषण अभियान संचालित किया जा रहा है। पोषण अभियान अंतर्गत सूचना एवं प्राद्योगिकी के प्रभावी उपयोग, आई.एल.ए. प्रशिक्षण, जनआंदोलन, प्रभावी समन्वय एवं व्यवहार परिवर्तन के लिये किये गये सकारात्मक प्रयासों से प्रभावी एवं सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुये हैं । कुपोषण का एक महत्वपूर्ण कारण दिन-प्रतिदिन के आहार में पौष्टिक तत्वों के समावेश कर बहुत आसान तरीके से घरों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, शासकीय भवनों एवं खाली सामुदायिक स्थानों में पोषण वाटिकाओं को विकसित करना है, पोषण वाटिका में स्थानीय फल जैसे आंवला, अमरुद, बेर, नींबू इत्यादि की उपलब्धता स्थानीय स्तर पर होगी जिससे पोषण स्तर में सुधार होगा।


















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