मध्यप्रदेश नरसिंहपुर
कोरोना महामारी के इस दौर में आपदा में अवसर तलासते बहुत से लोग देखे गए
जिन्होंने इस अवसर का बेजा इस्तेमाल किया परंतु भगवान का दर्जा प्राप्त कुछ डॉक्टरों ने तो अपने पैसे को ही शर्मसार कर दिया सरकारी फरमान की धज्जियां उड़ाते हुए आयुष्मान कार्ड धारक गरीब से पहले तो उसका पिता छीन लिया बाद में इसी पराड़कर हॉस्पिटल में पीड़ित की मां बी कोरोना से जंग लड़ रही है पीड़ित परिवार ने कलेक्टर सहित पुलिस अधीक्षक से शिकायत दर्ज कराई है और दोनों पराडकर बंधुओं के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की बात मांग की है
मामला है नरसिंहपुर जिले के पराडकर हॉस्पिटल का जहां व्यवसायिक मानसिकता के चलते डॉ पराग पराडकर एवं प्रांजल पराडकर ने 16 मई को दो मरीजों को कोरोना प्रोटोकॉल के अंतर्गत भर्ती किया जांच में भी की पेसेंट कोरोना पोजेटिव आया इलाज भी प्रारंभ कर दिया 17000 मरीज से जमा भी करा लिए , गजब तब हो गया जैसे ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आयुष्मान योजना के तहत फ्री इलाज की घोषणा कर दी और परिजनों ने दूसरे दिन आयुष्मान कार्ड लगाया फिर क्या था पराडकर हॉस्पिटल के संचालक डॉ पराग पराडकर एवं डॉ प्रांजल पराडकर का पारा सातवें आसमान में पहुंच गया आयुष्मान कार्ड धारक मरीज के इलाज में हीला-हवालीकी गई ऑक्सीजन गैस के लिए परेशान करने लगे परिजनों से स्वयं के व्यय पर ऑक्सीजन लाने का दवाब बनाने लगे और पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलने के कारण पिता की हालत बिगड़ गई पराडकर हॉस्पिटल के संचालक डॉ पराग पराडकर एवं प्रांजल पराडकर ने द्वारा उसे रेफर के लिए कहा गया हार कर परिजनों ने पिता को सरकारी अस्पताल में भर्ती किया जहां दूसरे दिन उसकी मौत हो गई इसकी शिकायत सीएमएचओ से की गई और उन्होंने अस्पताल को नोटिस भी जारी किया इस दौरान मां का इलाज भी लापरवाही पूर्वक किया जा रहा है क्योंकि वह भी आयुष्मान कार्ड धारक है हारकर परिवार ने जिला कलेक्टर एवं पुलिििस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि दोनोंंं पराडकर बंधुओं पर हत्यााा का माम दर्ज किया जाना चाहिए पुलिस अधीक्षक ने परिवार को न्याय दिलाने की बात कही है वही हॉस्पिटल प्रबंधन इस तरह की बातों से इनकार करते नजर आया है
सी एन आई न्यूज के लिये ब्यूरो रिपोर्ट ।


















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