चुनाव के समय नेताओं के झूठे दावे, चुनाव के बाद विधायकों का गोल मटोल जवाब व ग्राम प्रमुख के बहाने और इन तीनों के काले कारनामों पर पर्दा डालने वाले घूसखोर अधिकारी इन सभी के कारनामों के चलते आज ग्राम पंचायत डोमाडिह गांव पूरी तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है
जहां ग्राम पंचायत डोमाडिह गांव अपनी बदहाल जर्जर सड़कों की हालतो के चलते खून के आंसू रोने को मजबूर है जिस पर ना तो नेताओं की नजर पड़ती है
आइए हम आपको एक रिपोर्ट दिखाते हैं कैसे बदहाल जर्जर सड़कों की हालत के चलते हर रोज लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं कैसे बरसात के दिनों में मजबूर होकर लोग घुटने भर कि कीचड़ से पैदल चलने को मजबूर हैं देखिए इस रिपोर्ट पर..!
गौर से देखिए इस नजारे को यह नजारे जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के एक छोटे से गांव डोमाडिह का जहां सड़क है कि गड्ढे समझ नहीं आ रहा है।
जी हां आपने तो अपने जीवन में अद्भुत दृश्य तो देखा ही होगा जहां एक साथ बहुत सारे तालाब देखे होंगे परंतु आज हम आपको एक ऐसा अद्भुत दृश्य दिखाने वाले हैं जहां सड़कों के हर कदम पर आपको तालाब नजर आएगी और इन्हीं पर चलका लोग अपने गांव से आवागमन करने को मजबूर रहते हैं जी हां हम बात कर रहे हैं जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के एक छोटे से गांव डोमाडिह की जहां एक अनोखा नजारा आपको ग्राम पंचायत के प्रमुख रास्ते में देखने को मिलेगा
जहां बरसात के दिनों में हर 2 फुट के दायरे में आपको एक तालाब देखने को मिल जाएगा और इसी तालाब को अपना रास्ता बना कर लोग अपनी जान को जोखिम में डालकर चलने को मजबूर हो रहे हैं जहां आजादी के 74 साल बाद भी सड़कों की स्थिति नहीं सुधरी और ना ही यहां आने जाने के लिए पक्की सड़के बनाई गई है जिसके चलते आज ग्राम पंचायत डोमाडिह गांव अपनी बदहाल जर्जर सड़कों की हालत के चलते खून के आंसू रो रहा है जहां हर रोज लोग जर्जर सड़कों की हालत के चलते दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं अपनी जान गवा रहे हैं फिर भी प्रशासन मौन नजर आ रहे हैं।
हम आपको बता देना चाहते हैं कि बरसात के दिनों में ग्राम पंचायत डोमाडिह के कच्ची सड़कों की हालत इतनी खराब हो जाती है कि लोगों को कई किलोमीटर तक घुटने भर के खिचड़ो में पैदल चलकर अपने गांव से बाहर आवागमन करने को मजबूर रहते हैं।
तो वही यह बदहाल कच्ची सड़क ग्राम पंचायत डोमाडिह का प्रमुख मार्ग है जिसकी हालत बत्त से बदतर नजर आ रही हैं आप इस वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे सड़कों पर 5 से 10 फीट के बड़े-बड़े गड्ढे नजर आ रहे हैं और यह गड्ढे बरसात के पानी के चलते तालाब में तब्दील होते हुए नजर आ रहे हैं और इन्हीं रास्तों पर ग्रामीण अपनी जान को जोखिम में डालकर अपने गांव से बाहर आवागमन करने के लिए मजबूर हैं, जहां हर रोज उन्हें बदहाल सड़कों की हालत के चलते एक नई मुसीबत का सामना करना पड़ता है और आए दिन लोग बदहाल सड़कों की हालातों के चलते दुर्घटना का शिकार हो रहे।
दूसरी बड़ी बात यह है कि जब ग्रामीणों द्वारा इस जर्जर सड़कों की हालत को लेकर अधिकारी व क्षेत्रीय विधायकों को अवगत कराया जाता है तो उनके द्वारा केवल आश्वासन दिया जाता है आजादी के 74 साल बाद भी आज हमारे देश के नेता केवल जनता के सामने झूठे दावे करते नजर आ रहे हैं जिसके चलते आज एक छोटे से गांव का विकास नहीं हो पा रहा और इन्हीं नेताओं के काले कारनामों को छुपाने के चक्कर में दलाल अधिकारी ऐसे गांव का विकास भी रोक दे रहे हैं, जहां बार-बार ग्रामीणों द्वारा शिकायत करने के बावजूद भी यहां की बदहाल सड़कों की स्थिति नहीं सुधरी जिसके चलते नेता और अधिकारियों ऊपर तो काफी बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं लेकिन इनके पास जनता को देने के लिए जवाब नहीं है।
जांजगीर चांपा से दुर्गेश यादव की रिपोर्ट




















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