Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Thursday, July 15, 2021

अब गंगा घाटों और धरोहरों की मिलेगी पूरी जानकारी

 


वाराणसी : धर्म नगरी काशी में धार्मिक पर्यटन और भ्रमण के लिए आने वाले पर्यटकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तोहफा दिया है। टूरिज्म बूस्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने और गंगा नदी पर पर्यटन विकास के लिए 84 घाटों पर हेरिटेज साइनेज लगाया गया है। ये साइनेज पर्यटकों के मार्गदर्शन व अन्य ऐतिहासिक स्थलों से संबंधित जानकारी देंगे। पीएम मोदी ने आज इसका उद्घाटन करके लोगों को सौगात दी है।


इस सौगात से अब पर्यटकों को साइनेज के जरिये घाटों की जानकारी मिल जायेगी। उन्हें किसी पर्यटन गाइड या किसी से घाटों के इतिहास और आपसी दूरी के बारे में पूछना नहीं पड़ेगा। क्यूआर कोड से दुनिया के सभी भाषा में पर्यटक घाटों के पौराणिक व ऐतिहासिक महत्व को भी जान सकेंगे।

वाराणसी पहुंचे पीएम मोदी के इसके उद्घाटन के बाद अब काशी के प्रसिद्ध घाटों के इतिहास व धार्मिक महत्व की जानकारी बस एक क्लिक में मिल जाएगी। काशी के घाटों की प्राचीनता ही इसकी ऐतिहासिक प्रमाणिकता है। घाटों की सुंदरता और पौराणिकता को देखने और समझने के लिए पूरी दुनिया के पर्यटक आते हैं। योगी सरकार ने घाटों पर इंफॉर्मेटिव, कल्चरल, स्टेप सहित कई तरह के साइनेज लगवा दिये हैं। उत्तर वाहिनी गंगा के किनारे स्थित 84 घाटों के मनोरम दृश्य की जानकारी किताबों, गाइड या फिर गूगल से मिलती रही है। घाटों पर घूमने वाले अवैध गाइड गलत जानकारी देकर पर्यटकों से पैसे ऐंठ लिया करते थे। वहीं इन सभी साइनेज लगाने की लागत लगभग 5 करोड़ रुपये आई है। बता दें कि साइनेज एक तरह के ग्राफिक डिस्प्ले होता है। जिस पर शब्दों या संकेतों के जरिए जानकारी दी जाती है। इसका उद्देश्य दर्शकों को जानकारी देना है।

साइनेज पर क्या-क्या मिलेगी जानकारी?

वाराणसी स्मार्ट सिटी के अफसरों के अनुसार घाटों की पौराणिक विशेषता तथा इतिहास खुद घाट बयां करेंगे। घाटों पर जाने के बाद दाएं तथा बाएं के दस-दस घाटों की जानकारी और उसकी दूरी भी इस साइनेज पर लिखी होगी। लगभग 7 फीट ऊंची और 4 फीट चौड़ी इस हेरिटेज इंस्टालेशन में जानकारियां हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही भाषा में लिखी गई हैं। किसी पर्यटक को भाषाई परेशानी न होने पाए, इसलिए इसी बोर्ड पर क्यूआर कोड भी होगा, जिसे मोबाइल से स्कैन करने के बाद पर्यटक किसी भी भाषा में घाटों के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे। साइनेज पर ही उस घाट से सम्बंधित ग्राफिकल डिजाइन भी बनी होगी।

दो घाटों पर लगाई गई कल्चरल साइनेज

प्रदेश सरकार ने दो घाटों पर कल्चरल साइनेज भी लगाई है। इस साइनेज की कई विशेषताएं हैं। ये साइनेज हर घाट पर होने वाले धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजनों के बारे में जानकारी देंगे। पर्यटकों के आवागमन को देखते हुए कल्चरल इंस्टॉलेशन को अस्सी घाट व राजघाट पर लगाया जाएगा। पर्यटक इन्हीं दोनों घाटों पर लगे साइनेज को देखकर एक ही घाट से सभी घाटों के कार्यक्रम व महत्व के बारे में जान सकेंगे। स्टेप साइनेज भी घाटों पर लगा दिया गया है।

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad