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Friday, July 16, 2021

परंपरागत व गैर परंपरागत कार्यो से स्थानीय परिवेश में आजिविका वर्धन से जुड़ी गतिविधियों पर समीक्षा।


सूरजपुर  - 16 जुलाई 2021, जिले की करीब 80 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है, इनके समग्र विकास के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भुपेश बघेल कि मंशा को साकार करने में कलेक्टर डाॅ. गौरव कुमार सिंह के कुशल दिशा-निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ राहुल देव के नेतृत्व में लगातार गतिविधीयां क्रियान्वयन हो रही है। इसी कड़ी में आज जिला पंचायत सभा कक्ष में रोजगार गतिविधियों के अध्ययन एवं सम्भावनाओं के संबंध में बैठक का आयोजन किया गया।बैठक में समर्थ चेरिटेबल ट्रस्ट रायपुर से पहुंचे समाजसेवी सुश्री मंजीत कौर बल द्वारा बताया गया कि स्थानीय स्तर पर लोगों को किस प्रकार रोजगार मुहैया कराया जाये। जिससे उनके रोजगार एवं आय दोनों में वृद्धि हो सके। वैसे तो ग्रामीणों की सर्वाधिक पारम्परिक आजिविका मजदूरी श्रम, लघु एवं सींमात कृषि कार्य, पशुपालन, वनोत्पाद एकत्रित करना, मछली पालन, बकरी पालन, मुर्गी एवं सूकर पालन के अलावा गैर कृषि आजिविका पारम्परिक पेशा बढईगिरी, लोहारी, बुनाई सहित अन्य है। इन सभी कार्यों को बेहतर बनाने के लिए किस प्रकार के प्रयास स्थायी व निरंतरता पूर्ण हो इस पर कार्य करना  है। जिसमें क्रमबद्ध रूप से आजीविका के अवसरों को बेहतर बनाये जाने के लिए शासकीय विभाग के प्रमुखों से हितग्राही चयन किये जाने के तरीके, अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं के पहुंच की समीक्षा, योजनाओं के सेचुरेशन, सही समय पर योजना का लाभ, विभिन्न योजनाओं के अभिसरण, मैदानी कर्मचारी के क्षमता वर्धन एवं निगरानी एवं पंचायतवार समीक्षा कर तथा दूरस्थ क्षेत्रों में कमजोर वर्गों तक किस प्रकार से योजनाओं को पहुंचाय जाये जैसे मुद्दों पर अनुभव साझा किया गया। साथ ही विभाग प्रमुखों को डाटा संग्रहण करने हेतु प्रारूप उपलब्ध कराये गये, जिससे भविष्य की कार्ययोजना का निमार्ण किया जा सके। बैठक में आदिवासी विकास विभाग, पशुपालन विभाग, कृषि विभाग, रेशम विभाग, उद्यानिकी विभाग, मत्स्यपालन विभाग, मनरेगा, एन.आर.एल.एम., उद्योग विभाग, क्रेडा विभाग, खाद्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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